'ईरानी टमाटर नहीं चाहिए', बलूचिस्तान में टमाटरों के आयात का क्यों हो रहा है विरोध?

पाकिस्तान में विनाशकारी मानसूनी बारिश और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और यूक्रेन युद्ध के बाद पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है।

इस्लामाबाद, सितंबर 12: पाकिस्तान में पिछले एक हफ्ते से टमाटर के आयात पर संग्राम मचा हुआ है और बलूचिस्तान में ईरान से मंगाए जा रहे टमाटरों का विरोध किया जा रहा है। बलूचिस्तान के स्थानीय किसान ट्रकों से लाए गये ईरानी टमाटर को रास्तों मे ंफेंक कर बर्बाद कर रहे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पाकिस्तान में ईरानी टमाटर का विरोध

पाकिस्तान में ईरानी टमाटर का विरोध

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ईरान से आयात किए गये ईरानी टमाटर का भारी विरोध किया गया है और स्थानीय किसान जमींदारों ने ट्रक में भरकर आये टमाटर को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। स्थानीय किसानों का कहना था, कि जब पाकिस्तान के ही अंदर किसानों ने टमाटर की पैदावार शुरू कर दी है, तो फिर सरकार को ईरान से टमाटर का आयात बंद कर देनी चाहिए।

क्यों किया जा रहा है विरोध?

क्यों किया जा रहा है विरोध?

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 सितंबर को बलूचिस्तान के किसानों ने क्वेटा-कराची मार्ग को बंद कर दिया था और इसी दौरान कुछ किसानों ने ट्रकों से लाए गये टमाटरों को फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी लगातार सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे थे। किसानों का कहना था, कि उन्होंने टमाटर का पैदावार कर लिया है और अब सरकार उनके खेत की टमाटरों को बाजार में भेज सकती है, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। लिहाजा सरकार ईरान से टमाटर का आयात फौरन बंद करे।

विनाशकारी बाढ़ से परेशान बलूचिस्तान

विनाशकारी बाढ़ से परेशान बलूचिस्तान

पाकिस्तान में विनाशकारी मानसूनी बारिश और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और यूक्रेन युद्ध के बाद पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है। शनिवार को पाकिस्तान सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़, यूक्रेन युद्ध और अन्य कारकों की वजह ले पाकिस्तान को वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए अपनी जीडीपी विकास दर को पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। पाकिस्तान के नेशनल फ्लड रिस्पांस एंड कॉर्डिनेशन सेंटर (एनएफआरसीसी) के अध्यक्ष मेजर जनरल जफर इकबाल ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के लिए संयुक्त ब्रीफिंग के दौरान कहा कि, कम से कम एक तिहाई पाकिस्तान जलमग्न हो गया है और भीषण बाढ़ की वजह से पाकिस्तान को कम से कम 30 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। जिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हाथ फैलाकर दुनिया से मदद मांगी है और मदद नहीं मिलने पर पाकिस्तान की स्थिति विकराल होने की आशंका जताई है।

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