Pakistani Workers Murder: बलूच आतंकवाद का खौफ! ईरान में 8 पाकिस्तानी कामगारों की हत्या, देशों में बढ़ा तनाव
Pakistani Workers Murder: ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। शनिवार रात अज्ञात हथियारबंद लोगों ने पाकिस्तान के बहावलपुर से आए आठ मजदूरों की बेरहमी से हत्या कर दी। ये सभी कार मरम्मत की एक वर्कशॉप में काम करते थे और वहीं पर रहते थे।
यह घटना मेहरिस्तान जिले के एक गांव में हुई, जहां इन मजदूरों की कार्यशाला थी। हथियारबंद लोग रात को वर्कशॉप में घुसे, सभी मजदूरों के हाथ-पैर बांध दिए और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सभी आठों की मौके पर ही मौत हो गई और हमलावर फरार हो गए। ईरानी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

किसने ली जिम्मेदारी?
बलूचिस्तान नेशनल आर्मी (BNA) नाम के प्रतिबंधित संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन बलूचों की आजादी और अधिक स्वायत्तता की मांग को लेकर सक्रिय है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
जनवरी 2023 में भी ईरान के सरवन शहर में नौ पाकिस्तानी कामगारों की हत्या की गई थी। वे भी मोटर मैकेनिक थे और कार्यशाला में रहते थे। उस हमले की शैली भी बिल्कुल ऐसी ही थी - रात में हमला, हाथ-पैर बांधकर गोलीबारी।
ईरान-पाकिस्तान संबंधों में फिर बढ़ा तनाव
इस घटना ने पाकिस्तान और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और संवेदनशील बना दिया है। जनवरी 2024 में ईरान ने पाकिस्तान के अंदर जैश-उल-अदल आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमला किया था। जवाब में पाकिस्तान ने भी ईरान के अंदर BLA और BLF के ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया था। दोनों देशों की सीमाओं पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
बलूचिस्तान विवाद: क्यों है ये इलाका इतना संवेदनशील?
बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम विकसित इलाका है, लंबे समय से उपेक्षा और शोषण के आरोपों से जूझ रहा है। स्थानीय बलूच जनजातियां सरकार पर संसाधनों की लूट और विकास की अनदेखी का आरोप लगाती हैं। यही असंतोष उग्रवाद और अलगाववाद की सोच को जन्म देता है। यही हाल ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान क्षेत्र में भी देखने को मिलता है, जहां बलूच आबादी बड़ी संख्या में है।












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