पाकिस्तान में 6 पत्नियों और 54 बच्चों के पिता की मौत, ट्रक चलाकर करता था परिवार का गुजारा

अब्दुल के ज्यादातर बच्चों की उम्र 15 साल से कम है। उनकी सबसे छोटी बेटी 7 साल की है। अब्दुल के 22 बेटे और 20 बेटी जिंदा हैं। अब्दुल ने माना था कि बच्चे अब स्कूल नहीं जा पाते क्योंकि उसके पास इन्हें पढ़ाने के पैसे नहीं हैं

Pakistani truck driver abdul majid

Cover Asia Press/Fayyaz Ahmed

54 बच्चे और 6 पत्नियों वाले पाकिस्तान के अब्दुल मजीद मेंगल का बुधवार को निधन हो गया। 75 वर्षीय अब्दुल की मौत हर्ट अटैक की वजह से हुई। अब्दुल के बेटे अब्दुल बारी मेंगल ने बताया कि मौत से पहले वह बिल्कुल स्वस्थ थे और पांच दिन पहले तक ट्रक भी चला रहे थे। अब्दुल बारी मेंगल की उम्र 41 साल है और वह अब्दुल का सबसे बड़े बेटे हैं और पिता की तरह ट्रक चलाते हैं। अब्दुल मजीद अफगानिस्तान से सटे बलूचिस्तान के नोशकी जिले के कली मैंगल गांव के रहने वाले थे।

ट्रक चलाकर करते थे परिवार का गुजारा

ट्रक चलाकर करते थे परिवार का गुजारा

अब्दुल ट्रक चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। मेंगल ने कहा- हममें से कई पढ़े-लिखे हैं, लेकिन रोजगार नहीं मिला। इसलिए हम पिता का ठीक से इलाज भी नहीं करा सके। हमारा घर भी इस साल आई बाढ़ में तबाह हो गया था। अब्दुल मजीद पहली बार 2017 में हुई जनगणना के दौरान पहली बार मीडिया की नजर में आए थे। दरअसल उस वक्त पाकिस्तान में लगभग 2 दशक बाद जनगणना हुई थी। जनगणना करने गई टीम ने पाया कि अब्दुल अपनी 4 पत्नियों और 42 बच्चों के साथ रह रहे हैं।

बड़ी मुश्किल से चलता था परिवार

उस वक्त उन्होंने मीडिया को बताया था कि वह 6 शादियां कर चुके हैं। इसके अलावा उनके 12 बच्चों की मौत भी हो चुकी है। पांच साल पहले एक इंटरव्यू में अब्दुल ने कहा था, 'शुरुआती दिनों में मेरी ताकत अच्छी थी। मैं रोजाना सेक्स करना था। मैंने कड़ी मेहनत की और अपने बड़े बेटों को अच्छी शिक्षा प्रदान की। लेकिन अब मैं बूढ़ा हो गया हूं, अब चीजें मेरे हाथ से बाहर निकल चुकी हैं।' अब्दुल ने बताया था कि वह बड़ी मुश्किल से परिवार चला रहे हैं। ट्रक ड्राइवर होने की वजह से उनके पास इतने पैसे नहीं होते कि वह परिवार का ठीक से ख्याल रख सकें।

दूध न मिल पाने की वजह से हो गई बच्चे की मौत

दूध न मिल पाने की वजह से हो गई बच्चे की मौत

अब्दुल ने तब बताया था कि वह हर महीने 15 से 20 हजार पाकिस्तानी रुपए ही कमा पाते हैं। कभी-कभी उनके पास इतने भी पैसे नहीं होते कि बच्चों का दूध तक खरीद पाएं। दूध न मिल पाने की वजह से एक बेटे की भी मौत हो गई थी। इंटरव्यू में अब्दुल ने बताया था कि उनकी पहली शादी 18 साल में हुई थी। उसके बाद उन्होंने 5 शादियां और कीं। उनके 22 बेटे और 20 बेटियां उनके सात कमरों के घर में एक साथ रहते थे। वे बारी-बारी से बच्चों से मिलते थे और पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेते थे। अब्दुल एक बार में ही 4 से पांच बंडल कपड़ों की खरीद लेते थे ताकि बच्चों के कपड़े एक साथ सिला सकें।

बच्चों को पढ़ाने तक के पैसे नहीं

बच्चों को पढ़ाने तक के पैसे नहीं

अब्दुल के ज्यादातर बच्चों की उम्र 15 साल से कम है। उनकी सबसे छोटी बेटी 7 साल की है। अब्दुल के 22 बेटे और 20 बेटी जिंदा हैं। अब्दुल ने यह माना था कि उसके बच्चे अब स्कूल नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि उसके पास इन्हें पढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं। अब्दुल की एक पत्नी और बच्चे की मौत साथ हुई थी। उन्होंने बताया- पत्नी बीमार थी और पैसे की तंगी के चलते उसका इलाज नहीं करा पाया। दस बच्चे स्कूल नहीं जा पाए, क्योंकि फीस के लिए पैसे नहीं थे।

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