क्या पाकिस्तानी छात्रों को निकालने की तैयारी में है अमेरिका? ट्रंप प्रशासन के नए नियम ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका में पाकिस्तानी छात्रों और वीजा धारकों की चिंता बढ़ गई है। ट्रंप प्रशासन अब सोशल मीडिया पर नजर रख रहा है और जरा सी 'एंटी-अमेरिकन' या 'कट्टरपंथी' पोस्ट मिलने पर वीजा रद्द किया जा सकता है। शनिवार को पाकिस्तान के डॉन अखबार की रिपोर्ट ने इस कड़ी निगरानी का खुलासा किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी जांच प्रक्रिया के तहत, अमेरिकी अधिकारी अमेरिकी नागरिकों, संस्कृति, सरकार या संस्थानों के प्रति किसी भी तरह की शत्रुता के संकेत के लिए सोशल मीडिया एक्टिविट की समीक्षा कर रहे हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि छोटी गलती, राजनीतिक गतिविधि या अधूरे कागज भी उनके ठहरने को खतरे में डाल सकते हैं।

छोटी सी गलती पर भी रद्द होगा वीजा
यातायात नियम तोड़ने और कॉलेज कैंपस में विरोध प्रदर्शनों की घटनाओं की जानकारी अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) को दी जा सकती है, जिससे पाकिस्तानी समुदाय में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी वर्जीनिया के एक ट्रैफिक कोर्ट के जज ने हाल ही में दो पाकिस्तानी छात्रों को बताया कि अदालतों को अब यातायात उल्लंघन का रिकॉर्ड डीएचएस के साथ शेयर करना जरूरी है।
यूनुस खान ने बयां किया दर्द
मैरीलैंड के बाल्टीमोर के एक छात्र यूनुस खान ने कहा कि, 'हम शिकागो जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन हमें ऐसा न करने की सलाह दी गई है। हमारे पास वीजा है, और एक छोटी सी गलती भी वीजा रद्द होने का कारण बन सकती है।' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकिस्तानी दूतावास हालात पर नजर रख रहा है और राजनीतिक गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों को सता रहा डर
इस रिपोर्ट के बाद फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में भाग लेने से पाकिस्तानी छात्र डरे हुए हैं। बाल्टीमोर की ही समीना अली ने कहा कि, 'हममें से कुछ लोग उन प्रदर्शनों में शामिल हुए थे और अब हमें नहीं पता कि हम रह पाएंगे या हमें बाहर भेजा जा सकता है।'
अमेरिका में सात से दस लाख पाकिस्तानी
जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के छात्र मोहम्मद साजिद ने कहा कि पार्ट-टाइम नौकरी करना मुश्किल हो गया है। राजनीतिक शरण पाने वाले पाकिस्तानियों को और भी ज़्यादा डर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के अनुसार, 7,00,000 से 10 लाख पाकिस्तानी अमेरिका में रहते हैं, जिनमें से ज़्यादातर नागरिक या लंबे समय के रहने वाले हैं।
2024 में पाकिस्तान ने दस हजार से ज्यादा छात्र भेजे अमेरिका
हालांकि, क्योंकि कई छात्र आधिकारिक तौर पर दर्ज नहीं हैं, इसलिए सही संख्या साफ नहीं है। पाकिस्तान ने 2024 में 10,988 छात्रों को अमेरिका भेजा, जबकि बांग्लादेश से 17,099 और नेपाल से 16,742 छात्र अमेरिका भेजे गए। 2024 में 3,31,602 छात्रों के साथ भारत इस लिस्टमें सबसे ऊपर रहा।
हालात पर नजर बनाए हैं पाकिस्तानी अधिकारी
पाकिस्तानी दूतावास के अनुमान के अनुसार, 2025 तक पाकिस्तानी छात्रों की संख्या बढ़कर लगभग 12,500 हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी अधिकारी हालात पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और कानूनी कागज़ात, अधिकारों की जानकारी और राजनीतिक गतिविधियों में सावधानी बरतने पर ज़ोर दे रहे हैं।












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