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जिस वक्त कोरोना बरपा रहा था कहर, पाकिस्तानी कर रहे थे भारत के लिए प्रार्थना, स्टडी में खुलासा

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इस्लामाबाद, जुलाई 03: अप्रैल के अंत में, जब भारत कोरोना महामारी की दूसरी खतरनाक लहर के संकट में घिरा हुआ था, सरहद पार के लोग भारत के लिए प्रार्थना कर रहे थे। इसका खुलासा एक नई स्टडी में हुआ है। रिसर्च में पता चला है कि पाकिस्तान में रहने वाले एक बड़े हिस्से ने भारतीयों की जिंदगी के लिए प्रार्थना की थी और कोरोना वायरस से भारतीयों को जल्द निजात मिले, इसके लिए दुआएं की थीं।

भारत के लिए प्रार्थना

भारत के लिए प्रार्थना

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा किए गए एक स्टडी में कहा गया है कि ज्यादातर पाकिस्तानियों ने अपने पड़ोसी देश भारत के लोगों के लिए भावनात्मक तौर पर दुआएं मांगी थी। पाकिस्तानियों ने भारत के लिए उस वक्त प्रार्थना की थी, जब भारत कोरोना की दूसरी गंभीर लहर से जूझ रहा था और हर दिन हजारों भारतीयों की जान जा रही थी। पाकिस्तान के जियो टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी में पता चला है कि पाकिस्तान के लोगों ने भारत के लिए सहानुभूति और एकजुटता दिखाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर का सहारा लिया था।

अप्रैल-मई था भारत के लिए खतरनाक

जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बात का पता चला है कि पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा 21 अप्रैल से 4 मई के बीच किए गए ज्यादातर ट्वीट भारत के प्रति सकारात्मक थे। आशिक खुदाबुख्श के नेतृत्व में कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने करीब 3 लाख ट्वीट्स को लेकर स्टडी की है। इंटरनेट मीडिया पर #IndiaNeedsOxygen और # PakistanStandsWithIndia के साथ पाकिस्तान के लोग भारत के लिए दुआएं कर रहे थे। शोधकर्ताओं ने अपने टेक्स्ट को 'होप सर्च क्लासिफायर' में रखा है, जो भाषा में सकारात्मकता को समझने में मदद करता है। इस टुल के जरिए सकारात्मक बातों पर रिसर्च की जाती है और फिर उसका इस्तेमाल दुश्मनी को कम करने के लिए किया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस टुल के द्वारा प्रार्थना, सहानुभूति, संकट और एकजुटता जैसे शब्दों की पहचान की जाती है।

निगेटिव से ज्यादा पॉजिटिव ट्वीट

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस द्वारा की गई स्टटी से पता चला है कि अप्रैल और मई के दौरान, पाकिस्तान से होने वाले ट्वीट्स की संख्या में पॉजिटिव ट्वीट्स की संख्या ज्यादा था, जबकि भारत के खिलाफ उस दौरान कम ट्वीट्स किए गये थे। शोध में पाया गया कि भारत में कोविड-19 संकट के बारे में पाकिस्तान से किए गए 85 प्रतिशत से ज्यादा ट्वीट पॉजिटिव थे और भारत के लिए उनमें दुआएं की गईं थीं। साथ ही इस तरह के ट्वीट को ज्यादा लाइक और रीट्वीट भी मिले।

44 प्रतिशत से ज्यादा पॉजिटिव ट्वीट

खुदा बख्श ने कहा कि हमारे शोध से पता चला है कि लोग अपनी भावनाओं को कैसे व्यक्त करते हैं। इनमें एक समानता है। अगर आप सर्च करना शुरू करेंगे तो आपको 44 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिव ट्वीट्स मिलेंगे। अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में, जब भारतीय अस्पतालों में बिस्तर खत्म होने लगे और लोग ऑक्सीजन की तलाश में घूम रहे थे, तब सीमा पार से पाकिस्तान के लोग समर्थन और एकजुटता की बात कर रहे थे। वहीं, एक विशेषज्ञ ने इस शोध के बारे में कहा है कि 'असल में भारत और पाकिस्तान के आम लोगों में ज्यादातर ऐसे हैं, जो दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध चाहते हैं और एक दूसरे के सुख दुख को महसूस करते हैं। लेकिन, अशांति चाहने वाले लोगों के हाथ में शक्ति होने की वजह से दोनों देशों में दोस्ती नहीं हो पाती है।'

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English summary
At the time when India was caught in the second wave of Corona virus, at that time the people of Pakistan had prayed for India. This has been revealed in the study of artificial intelligence.
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