भारत पर खतरा दोगुना, 6 वर्षों में 200 परमाणु हथियारों से लैस होगा पाक
वाशिंगटन। अमेरिकी थिंक टैंक की ओर से जो रिपोर्ट आई है वह भारत पर बढ़ते खतरे को बयां करने के लिए काफी है। कश्मीर मुद्दे की आड़ लेकर अक्सर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के पास अगले छह वर्षों में 200 एटॉमिक हथियार होंगे।

एशिया मे बढ़ रही परमाणु हथियारों की होड़
इस थिंक टैंक की रिपोर्ट की मानें तो पाक का एटॉमिक हथियार कार्यक्रम दुनिया में काफी तेजी से बढ़ने वाला है। वर्ष 2020 तक उसके पास 200 से अधिक एटॉमिक हथियार बनाने के लिए जरूरी सामान होगा।
अमेरिका के थिंक टैंक ‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' ने कहा, कई देश अपनी कुल सामग्री में कटौती कर रहे हैं। लेकिन एशिया में इसमें इजाफा हो रहा है। पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला है। साल 2020 तक इसके पास इतनी परमाणु सामग्री होगी कि उससे 200 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।
जार्ज मैसन यूनिवर्सिटी के ग्रेगरी कोब्लेनज द्वारा तैयार रिपोर्ट में दक्षिण एशिया को अनसुलझे क्षेत्रीय विवादों, सीमापार आतंकवाद और बढ़े परमाणु हथियारों के विस्फोटक मिश्रण के कारण रणनीतिक स्थिरता में कमी के खतरे वाला क्षेत्र माना गया है।
लगातार टेक्नोलॉजी विकसित करता पाक
इस रिपोर्ट को ‘दूसरे परमाणु युग में रणनीतिक स्थिरता' नाम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने लड़ाकू विमान, बैलिस्टिक मिसाइलों तथा क्रूज मिसाइलों सहित अपने परमाणु हथियारों के लिए 11 डिलीवरी प्रणालियां या तो विकसित की हैं या विकसित कर रहा है।
उसने औपचारिक रूप से उस स्थिति की घोषणा नहीं की हैं जिसके तहत वह परमाणु हथियारों का प्रयोग करने की बात सोचता है। लेकिन पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि वह मुख्य रूप से अपनी क्षेत्रीय अखंडता या अपने क्षेत्र को बचाने की अपनी सेना की क्षमता के लिए खतरा पैदा करने से भारत को रोकने के प्रयास के तहत ऐसा कर रहा है।
थिंक टैंक ने कहा कि पाकिस्तान का ध्यान पूरी तरह से भारत द्वारा पैदा खतरे पर है। चर्चा है कि वह पाकिस्तानी परमाणु हथियार जब्त करने के लिए सैन्य अभियान चलाने की अमेरिका की क्षमता से भी चिंतित है। यह चिंता पाकिस्तानी परमाणु हथियारों को आतंकवादियों के हाथों में जाने से रोकने के लिए अमेरिकी सेना की कथित संभावित योजना पर आधारित है।
भारत भी बढ़ रहा क्षमता
‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' के मुताबिक भारत अपनी विखंडनीय पदार्थ सामग्री उत्पादन क्षमता को बढम रहा है। एक अनुमान के अनुसार भारत के पास अभी 90 से 100 तक परमाणु हथियारों के लिए पर्याप्त विखंडनीय सामग्री है।
थिंक टैंक का मानना है कि चीन के पास मध्यम, अंतरवर्ती और अंतरमहाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों द्वारा डिलीवरी के लिए 250 परमाणु हथियार हैं। सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्य देशों के विपरीत चीन अपने परमाणु आयुध क्षमता में विस्तार कर रहा है।












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