आतंकियों से अब भी गलबहियां कर रहे इमरान खान, FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखने का फैसला किया है। जानिए वजह

इस्लामाबाद, अक्टूबर 21: एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रखने का फैसला किया है। एफएटीएफ कमेटी ने पाया है कि, पाकिस्तान अभी भी आतंकवादियों की मदद करता है और उन्हें कई तरह की मदद पहुंचाता है, लिहाजा उसे एफएटीएफ की ग्रे-लिस्ट से बाहर नहीं निकाला जाएगा। कमेटी ने पाया है कि, पाकिस्तान एफएटीएफ के 27 प्वाइंट वाले एक्शन प्लान को पूरा करने में नाकामयाब रहा है, लिहाजा उसे ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं निकाला जाएगा।

ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान

ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को लेकर एफएटीएफ की मीटिंग की गई है, जिसमें आंकलन किया गया है कि, क्या पाकिस्तान ने आतंकवादियों को वित्तीय मदद पहुंचाना बंद किया है या नहीं? जिसमें पाया गया है कि, पाकिस्तान में अभी भी ऐसे साधन मौजूद हैं, जिनसे आतंकियों को वित्तीय मदद पहुंचाई जा रही है, लिहाजा पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं निकाला जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त फैसला लिया गया है कि, पाकिस्तान को अगले साल अप्रैल महीने तक ग्रे-लिस्ट में ही रखा जाएगा। इसी साल जून में भी एफएटीएफ की मीटिंग हुई थी, जिसमें पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रखा गया था।

ग्रे लिस्ट में ही क्यों रहेगा पाकिस्तान?

ग्रे लिस्ट में ही क्यों रहेगा पाकिस्तान?

इंडिया टुडे टीवी को सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान एफएटीएफ द्वारा निर्धारित 27 मापदंडों में से 26 को पूरा कर चुका है, लेकिन आखिरी प्वाइंट, जो सबसे अहम है, उसे पूरा करने में पाकिस्तान अभी तक नाकाम रहा है लिहाजा जब तक पाकिस्तान आखिरी प्वाइंट को पूरा नहीं करता है, तब तक पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखा जाएगा। एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्कस प्लीयर गुरुवार को इसकी घोषणा करेंगे। जून के आकलन में प्लीयर ने कहा था कि "प्रमुख कार्रवाई आइटम" जिसे पूरा किया जाना बाकी है। जिसके तहत पाकिस्तान को यूनाइटेड नेशंस द्वारा घोषित किए गये आतंकियों के खिलाफ एक्शन लेना जरूरी है। लेकिन, पाकिस्तान ने उन आतंकियों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है, जो यूनाइटेड नेशंस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में हैं।

आतंकियों से अब भी जुगलबंदी

आतंकियों से अब भी जुगलबंदी

पाकिस्तान ने अभी तक आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है और मसूद अजहर जैसे नामित आतंकवादियों पर सिर्फ मुकदमा ही चलाया है। इंडिया टुडे टीवी को सूत्रों ने बताया है कि, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कम से कम 8 आतंकी कैंप फिर से खुल गए हैं। जनवरी 2021 से 30 आतंकवादी भारत में घुसपैठ कर चुके हैं, जबकि कम से कम 60-80 मारे गए या रोके गए है। जून में एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में रखने की घोषणा के बाद पाकिस्तान के मंत्री हम्माद अजहर ने कहा था कि, पाकिस्तान ने 27 प्वाइंट्स में से 26 को लागू कर दिया है, जबकि आखिरी को जल्द ही "3-4 महीने" के भीतर लागू किया जाएगा। लेकिन, पाकिस्तान ने आखिरी प्वाइंट को लागू नहीं किया है।

पाकिस्तान अब भी ग्रे लिस्ट में क्यों है?

पाकिस्तान अब भी ग्रे लिस्ट में क्यों है?

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी के खिलाफ अभियोजन और कार्रवाई की कमी, वो सबसे बड़ी वजह है कि, पाकिस्तान अभी तक ग्रे लिस्ट में बना हुआ है। वैश्विक टेरर-फंडिंग वॉचडॉग ने कहा कि यह "पाकिस्तान अब भी वांटेड आतंकियों को प्रोत्साहित करता है और आतंकी संगठनों को मदद पहुंचाता है''। उदाहरण के लिए मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति द्वारा एक वैश्विक आतंकवादी नामित किया गया था, और पाकिस्तान में इस आतंकवादी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके साथ ही एक पाकिस्तानी अदालत ने मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (JuD) के प्रमुख हाफिज सईद को उसके खिलाफ कई आतंकी वित्तपोषण मामलों में से एक में 15.5 साल जेल की सजा सुनाई। लेकिन, इसके बाद भी हाफिज सईद एक तरह से आजाद है।

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