पाकिस्तान ने आतंकियों तक नकली करेंसी पहुंचाने के लिए रची साजिश, इन तरीकों का कर रहा है इस्तेमाल
इस्लामाबाद: भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वो नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों में राजनयिक चैनलों का दुरुपयोग करके नकली भारतीय नोटों की खेप ला रहा है और उसे और बांट रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को वित्तीय पोषण देने के लिए बेहतर क्वालिटी वाले नकली नोटों का उत्पादन, तस्करी और प्रसार शुरू कर दिया है।

कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में पाकिस्तान से नकली नोटों को 2016 से पहले के अपने नेटवर्क और चैनलों के जरिए व्यवस्थित तरीके से भारत में लाने का काम हो रहा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस-इंटेलिजेंस(आईएसआई) नकली नोटों के पिछले संस्करणों की अपेक्षा गुणवत्ता वाले नोट बनाने में कामयाब रही है।
एएनआई के मुताबिक इसी साल मई में नेपाल के काठमांडू एयरपोर्ट से डी-कंपनी से जुड़े यूनुस अंसारी को 3 पाकिस्तानी नागरिक के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से 76.7 मिलियन के भारतीय मुद्रा के नकली नोट बरामद किए गए थे।
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने 22 सितंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स(केजेए़डएफ) के पास से 1 करोड़ रकम के नकली नोट बरामद किए थे। इस आतंकी समूह के पास से चीन निर्मित पाकिस्तानी ड्रोन्स के जरिए पहुंचाए गए 5 एके-47 राइफल्स, 30 बोर पिस्टल, 9 हैंड ग्रेनेड, 5 सैटलाइट फोन, 2 मोबाइल फोन और 2 वायरलेस सैट भी बरामद किए गए थे।
नेपाल और बांग्लादेश भारत में नकली नोट पहुंचाने के प्रमुख केंद्र हैं। सितंबर में ढाका में पुलिस ने 4.95 मिलियन के नकली नोट बरामद किए थे। दुबई के रहनेवाले सलमान शेरा ने यह पार्सल सिलहट बांग्लादेश में भेजा था। जांच में खुलासा हुआ कि सलमान शेरा पाकिस्तान के आईएसआई से जुड़े कुख्यात असलम शेरा का बेटा है। असलम 90 के दशक से नकली करंसी के धंधे में सक्रिय है।
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