1 नवंबर से लाखों अफगानियों को चुन-चुनकर निकालेगा पाकिस्तान, गृहमंत्री ने कहा- सारा प्लान तैयार, कोई नहीं बचेगा
पाकिस्तान सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में अफगानियों समेत सभी अवैध शरणार्थियों को 31 अक्टूबर तक देश छोड़ने का अल्टीमेटम जारी किया था। पाकिस्तान में 17 लाख अवैध अनुमानित शरणार्थी हैं।
अब इस तारीख के पूरे होने में महज एक दिन बाकी है। इसी बीच अंतरिम गृह मंत्री सरफराज बुगती ने सोमवार को कहा कि अगर ये शर्णार्थी खुद देश छोड़कर नहीं जाते हैं तो कार्यवाहक सरकार उन्हें चरणबद्ध तरीके से निकालना शुरू करेगी।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक बुगती ने कहा कि पाकिस्तान सरकार बुधवार से चरणबद्ध तरीके से विदेशियों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू करेगी।
बुगती ने कहा कि पिछले तीन दिनों में 20,000 से अधिक प्रवासियों ने स्वेच्छा से पाकिस्तान छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रांतीय सरकारें अवैध विदेशियों के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मंडल और जिला स्तर पर समितियां बनाई गई हैं।
अंतरिम आंतरिक मंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि अवैध विदेशी नागरिकों का निष्कासन चरणों में किया जाएगा, और बिना यात्रा दस्तावेज वाले लोगों को पहले चरण में निर्वासित किया जाएगा।
बुगती ने कहा कि सरकार ने जियो मैपिंग का काम पूरा कर लिया है। इसके जरिए वे अवैध विदेशी नागरिकों को पता लगाएगी। वे चाहे कहीं भी छुपे हों सरकार की नजर से नहीं बच पाएंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने समय सीमा पूरे होने के बाद अवैध विदेशियों को रखने के लिए होल्डिंग सेंटर स्थापित किए हैं। इस लोगों को केंद्रों पर सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने सोमवार को कहा कि प्रत्यर्पण योजना पाकिस्तान में रह रहे ''सभी अवैध विदेशियों पर लागू होती है, चाहे उनकी कोई भी नागरिकता हो।''
पाकिस्तान बीते चार दशकों से अफगान रिफ्यूजियों का ठिकाना रहा है। 1979 से 1989 के बीच जब अफगानिस्तान पर सोवियत संघ का कब्जा था, तब लाखों अफगानी भागकर पाकिस्तान आ गए थे।
उसके बाद तालिबान के शासन के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग अफगानिस्तान छोड़ने पर मजबूर हुए। साल 2021 में भी अफगानिस्तान में तालिबान के दोबारा कब्जे के बाद लाखों अफगानी नागरिक भागकर पाकिस्तान आ गए थे। अनुमान है कि 2021 से अब तक एक लाख से ज्यादा अफगान अपना देश छोड़ चुके हैं।
आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर की सीमा है। इस सीमा का बड़ा हिस्सा खुला है। ऐसे में बड़ी संख्या में अफगानिस्तान से भागकर लोग पाकिस्तान पहुंच जाते हैं।
पाकिस्तान के मुताबिक उनके देश में 44 लाख अफगानी रहते हैं। इनमें से 17 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। 24 लाख अफगानी लोगों को पाकिस्तान सरकार ने रिफ्यूजी का दर्जा दिया है। ऐसे लोगों को आईडी कार्ड दिए गए हैं। वे बैकिंग और स्कूलिंग जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। पाकिस्तान ने कहा है कि रजिस्टर्ड लोगों को नहीं निकाला जाएगा।












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