पाकिस्तान अपनी सेना को भाड़े पर भेजेगा कतर, बनेंगे सिक्योरिटी गार्ड, फैसले का देश में भारी विरोध

पाकिस्तान सरकार को कतर में अपने सैनिकों को भाड़े पर भेजने के लिए अपने कानूनों में कई तरह के संशोधन करने पड़े हैं, वहीं सरकार के इस फैसले का देशभर में विरोध हो रहा है।

इस्लामाबाद, अगस्त 26: भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अब अपने देश के सैनिकों को भाड़े पर भेजने का फैसला किया है और वित्तीय सहायता के बदले पाकिस्तानी सेना सिक्योरिटी गार्ड की तरह सेवा देने के लिए कतर जाएंगे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप-2022 में सिक्योरिटी प्रदान करने के लिए पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को भाड़े पर कतर भेजने के फैसले पर मुहर लगा दी है।

भाड़े पर जाएंगे पाकिस्तानी सैनिक

भाड़े पर जाएंगे पाकिस्तानी सैनिक

रिपोर्ट के मुताबिक, तंगहाली से जूझ रहे पाकिस्तान को कतर ने 2 अरब डॉलर का वित्तीय निवेश देने का वादा किया है, जिसके बोझ तले दबकर पाकिस्तान को अपनी सेना को भाड़े पर भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कतर कई तरह से पाकिस्तान को मदद पहुंचा रहा है और तेल बेचकर अमीर राष्ट्र बनने वाले कतर ने पाकिस्तान के वित्त पोषण की कमी को कम करने में मदद के लिए द्विपक्षीय समर्थन में 2 अरब डॉलर देने का वादा किया है, जिसके बाद फीफा विश्व कप 2022 में पाकिस्तान एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार हो गया है। एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक सुरक्षा गार्ड के रूप में। कतर ने इससे पहले यही ऑफर तुर्की को भी दिया था, लेकिन तुर्की ने कतर से इस ऑफर को फौरन यह कहकर ठुकरा दिया था, कि किसी देश की सेना उस देश की संप्रभुता और देश के इमोशन से जुड़ी होती है और सेना के जवान भाड़े पर भेजने के लिए नहीं होते हैं।

पाकिस्तान में फैसले का भारी विरोध

पाकिस्तान सरकार को कतर में अपने सैनिकों को भाड़े पर भेजने के लिए अपने कानूनों में कई तरह के संशोधन करने पड़े हैं, वहीं सरकार के इस फैसले का देशभर में विरोध हो रहा है। इस आयोजन के लिए कतर में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की तैनाती के प्रति जनता की प्रतिक्रिया अत्यधिक नकारात्मक रही है। लोगों ने विश्व कप जैसी तुच्छ गतिविधियों के लिए सेना को किराए पर देने के लिए सरकार की आलोचना की है। ट्विटर पर पाकिस्तानी जनता की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी जा रही है और लोग इसे शर्मनाक बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है, कि पाकिस्तानी सेना को अपनी वेबसाइट पर एक कॉलम 'पाकिस्तानी सेना रेंट पर है' बना देनी चाहिए। वहीं, एक ट्विटर यूजर ने कहा कि, ये काफी शर्मनाक है, कि देश की रक्षा करने करने वाले जवान अब भाड़े पर भेजे जाएंगे। ये एक तरह से ऐसा है, जैसे पाकिस्तानी सेना बिक रही है।

पाकिस्तान सरकार ने भी दी मंजूरी

पाकिस्तान सरकार ने भी दी मंजूरी

पाकिस्तान सरकार ने एक कैबिनेट की बैठक के बाद कतर और पाकिस्तान सशस्त्र बलों के बीच समझौते को मंजूरी दे दी है, जो सेना को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे हाई-प्रोफाइल फुटबॉल टूर्नामेंट में सुरक्षा प्रदान करने में दोहा की सहायता करेगा। इन घटनाक्रमों ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के निमंत्रण पर पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ की कतर की दो दिवसीय यात्रा के लिए टोन सेट किया। अप्रैल 2022 में पदभार ग्रहण करने के बाद से शरीफ की यह पहली कतर यात्रा होगी।

अरब देशों से पाकिस्तान को मदद

अरब देशों से पाकिस्तान को मदद

सिर्फ कतर ही नहीं, बल्कि अन्य मित्र अरब देशों ने भी 29 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बोर्ड बैठक से पहले पाकिस्तान को धन देने का वादा किया है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान ने 4 बिलियन डॉलर का वित्तपोषण हासिल किया है, जो रुके हुए फंड कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने के लिए एक शर्त है। पाकिस्तान को सऊदी अरब से तेल वित्तपोषण में 1 अरब डॉलर और संयुक्त अरब अमीरात से निवेश में इतनी ही राशि मिलेगी। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के कार्यवाहक गवर्नर मुर्तजा सैयद ने मीडिया को बताया कि सभी धनराशि अगले 12 महीनों में मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाली वित्तीय सहायता के बावजूद, विशेषज्ञ पाकिस्तान के ठीक होने की राह पर संशय में हैं।

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