पाकिस्तानी जनता पर बिजली गिराने को तैयार शहबाज, 170 अरब का फूटेगा टैक्स बम, गैस रेट दोगुना
पाकिस्तान में स्टील, कपड़ा और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उद्योग बमुश्किल काम कर रहे हैं, और अब हजारों कारखानों को बंद करने की नौबत आ चुकी है, जिसकी वजह से बेरोजगारी संकट में भारी इजाफा होने की आशंका है।

Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान में आर्थिक दुर्दशा शुरू हो चुका है और साल 1947 में इस्लाम के नाम पर बना ये मुल्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पाकिस्तान के पास नकदी खत्म हो चुके हैं, लिहाजा पाकिस्तान अभ विदेशों से सामान नहीं खरीद पा रहा है, जिसकी वजह से अब हालात ये हो चुके हैं, कि कराची पोर्ट पर विदेशों से मंगाया गया सामान जमा होने लगा है, लेकिन पाकिस्तान के कारोबारी उसे खरीद नहीं पा रहे हैं। लिहाजा, सरकार को चेतावनी दी गई है, कि अगर निर्माण सामग्री को खरीदने की इजाजत नहीं दी गई, तो पाकिस्तान में एक झटके में लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

170 अरब रुपये का लगेगा टैक्स
पाकिस्तान के अधिकारियों और विश्लेषकों ने सोमवार को कहा है, कि आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान इस महीने 170 अरब रुपये के नए टैक्स की घोषणा करेगा। अधिकारियों का कहना है, कि भले ही पाकिस्तान की स्थिति और भी खराब हो जाएगी, लेकिन देश में 170 अरब का नया टैक्स लगाना ही होगा। यानि, पाकिस्तान की जनता के पास देश की सरकार को 170 अरब रुपये का नया टैक्स देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। पाकिस्तानी अधिकारियों का ये बयान आईएमएफ के उस फैसले के बाद आया है, जब आईएमएफ ने कहा था, कि अगर पाकिस्तान उसकी सख्त शर्तों को नहीं मानता है, तो फिर 1.1 अरब डॉलर के कर्ज की किश्त पाकिस्तान को नहीं दी जाएगी। आईएमएफ की इस चेतावनी के फौरन बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने 170 अरब रुपये का टैक्स लगाने का फैसला जारी कर दिया है।

पाकिस्तान में हड़कंप की स्थिति
आपको बता दें, कि इमरान खान के शासनकाल के दौरान आईएमएफ और पाकिस्तान सरकार के बीच 6.6 अरब डॉलर के बेलऑउट पैकेज को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन इमरान खान ने बाद में जाकर समझौते को तोड़ दिया, जिसके बाद आईएमएफ ने पाकिस्तान को किश्त की नई रकम जारी करने पर रोक लगा दी। वहीं, पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच नवीनतम दौर की वार्ता शुक्रवार को समाप्त हुई, जिसमें आईएमएफ ने नए टैक्स लगाने का आदेश पाकिस्तान सरकार को दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तो यहां तक कह दिया है, कि अब आईएमएफ को पाकिस्तान के ऊपर भरोसा नहीं रहा है, इसीलिए आईएमएफ ने कहा है, कि पहले पाकिस्तान को उसके फैसलों को लागू करना होगा और उसके बाद आईएमएफ तय करेगा, कि पाकिस्तान को पैसे दिया जाएगा या नहीं।

170 अरब टैक्स लगाने का मतलब?
पाकिस्तान के वरिष्ठ अर्थशास्त्री एहतेशाम-उल-हक ने कहा, कि "ज्यादा टैक्स लगाने का मतलब ये है, कि पाकिस्तान में लाखों लोगों के लिए मुश्किल दिन आने वाले हैं, जो पहले से ही खाद्य संकट और भारी भरकम ऊर्जा बिल से परेशान हैं"। लेकिन उन्होंने आगे कहा, कि "अगर पाकिस्तान को आईएमएफ से कर्ज चाहिए, तो पाकिस्तान को 170 अरब का टैक्स लगाना ही होगा और अब पाकिस्तान के पास इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।" आपको बता दें, कि आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच वार्ता में गतिरोध को प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की सरकार के लिए एक झटके के रूप में देखा गया है, जो बिगड़ते आर्थिक संकट और आतंकवादी हिंसा में वृद्धि के बीच डिफ़ॉल्ट से बचने के लिए संघर्ष कर रही है। पाकिस्तान पहले से ही रिकॉर्ड तोड़ बाढ़ से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिसने 2022 की गर्मियों में 1,739 लोगों की जान ले ली और 20 लाख घरों को नष्ट कर दिया था।

पेट्रोल की कीमत में होगा इजाफा
वहीं, द न्यूज ने बताया है, कि अगले दो हफ्तों में समीक्षा के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 20 रुपये और बढ़ाई जा सकती है। पाकिस्तान के तेल उद्योग ने बताया है, कि पेट्रोल की कीमत में यह हालिया बढ़ोतरी पेट्रोल की अंतरराष्ट्रीय कीमत को लेकर निर्धारित की गई है। आपको बता दें, पाकिस्तान सरकार ने ईंधन कीमतों की पिछले पखवाड़े की समीक्षा के बाद 35 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की थी। सूत्रों ने कहा कि पेट्रोल की कीमत में और इजाफा हो सकता है और सरकार के पास पेट्रोल की कीमत में इजाफा करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है। पाकिस्तान में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 249 रुपये प्रति लीटर है और 20 रुपये दाम में बढ़ोतरी के बाद नई कीमत 269 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी, और इस कीमत पर पेट्रोल खरीदना, अमीर से अमीर आदमी के लिए भी मुश्किल होगा। लिहाजा, पाकिस्तान में महंगाई लोगों के पेट में मरोड़ करने के लिए काफी है।
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गैस की कीमत भी उड़ाएगी नींद
इतना ही नहीं, ट्रिब्यून एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि शहबाज शरीफ की सरकार ने अगले 6 महीने में उपभोक्ताओं से 310 अरब रुपये की वसूली के लिए, प्राकृतिक गैस की कीमतों में 113% तक की वृद्धि को मंजूरी दे दी है और अगर टैक्स और गैस की कीमत में बढ़ोतरी को जोड़ दिया जाए, तो शहबाज शरीफ पाकिस्तान की जनता से 736 अरब रुपये वसूलेगी। यानि, पाकिस्तान सरकार ने अपनी जनता की अंतरियों को उनके मुंह से बाहर निकालने का पूरा प्लान बना लिया है। इस रकम में बिजली बिल और पेट्रोल बिल शामिल नहीं है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में एक गैस सिलेंडर की कीमत अब करीब 3100 रुपये है। यानि, लोगों के लिए गैस सिलेंडर खरीदना कितना मुश्किल हो चुका है, ये आसानी से समझा जा सकता है।












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