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Explainer: पाकिस्तान के पास चायनीज 5th जेनरेशन विमान, भारत में अभी डिजाइन पर ही काम.. कितना आगे निकला दुश्मन?

India Vs Pakistan Fighter Jet Race: पाकिस्तान ने कहा है, कि वो चीन के फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट एफसी-31/जे-31 डबल इंजन वाले स्टील्थ लड़ाकू विमान हासिल करने की योजना बनाई है और ऐसा करके उसकी योजना फाइटर जेट हासिल करने की रेस में भारत से आगे निकलना है।

चीनी फाइटर जेट FC-31/J-31, साल 2014 से उड़ान भर रहा है, लेकिन हैरानी की बात ये है, कि अभी तक इसे ना ही चीनी आर्मी ने और ना ही किसी और देश की सेना ने इसका अधिग्रहण किया है। लेकिन, इसके बाद भी पाकिस्तानी एयरफोर्स ने इसे खरीदने का फैसला किया है।

India Vs Pakistan Fighter Jet Race

जबकि दूसरी तरफ, भारत का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) अभी भी डिजाइन के ही स्टेप में है।

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने हाल के दिनों में एक लेख में पाकिस्तान के साथ संभावित डील को लेकर रिपोर्ट छापी है। यह रिपोर्ट ईरान और पाकिस्तान के बीच इसी हफ्ते हुए बमबारी के बीच आई है।

पाकिस्तान में ईरानी हमला ऐसे समय में हुआ है, जब इस्लामिक राष्ट्र ईरान विभिन्न प्रकार के कामिकेज़ ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है।

पाकिस्तान खरीदेगा फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट

पाकिस्तानी एयरफोर्स के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने इस महीने की शुरूआत में चीन से FC-31 स्टील्थ फाइटर जेट के अधिग्रहण की पुष्टि की है।

सिद्धू ने कहा, कि "J-31 स्टील्थ लड़ाकू विमान प्राप्त करने की नींव पहले ही रखी जा चुकी है, जो निकट भविष्य में पीएएफ के बेड़े का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।"

J-31 स्टील्थ लड़ाकू विमान को चीन की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (SAC) ने विकसित किया है और FC-31/J-31 सिंगल-सीट वाला, ट्विन-इंजन, मीडियम स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसके बारे में ग्लोबल टाइम्स के विश्लेषकों का कहना है, कि चीनी फाइटर जेट अमेरिका के F-35 से बेहतर नहीं है, तो भी तुलना करने के लायक तो है ही।

बीजिंग स्थित सैन्य विशेषज्ञ वेई डोंगक्सू के हवाले से लेख में कहा गया है, कि जेट की स्टील्थ इसे "पहले और आश्चर्यजनक हमले शुरू करने" की अनुमति देती है। विमान में J-20 के कुछ सेंसर फ़्यूज़न और डेटा प्रोसेसिंग क्षमताएं होने की उम्मीद है, जैसा कि रिपोर्ट से संकेत मिलता है, और यह हवा से हवा और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों और बमों को अपने साथ ले जा सकता है।

पाकिस्तान की वायुसेना के लिए चीनी फाइटर्स जेट कोई नया नहीं है और पाकिस्तान के पास पहले से ही J-10C लड़ाकू विमान है। इसके अलावा, पाकिस्तानी बेड़े में JF-17 जेट, HQ-9BE लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, HQ-16FE मध्यम दूरी की SAMs और YLC-8E एंटी-स्टील्थ 3D सर्विलांस रडार प्रणाली है।

India Vs Pakistan Fighter Jet Race

भारत के मुकाबले आगे होगा पाकिस्तान?

चीनी एक्सपर्ट्स ने J-31 स्टील्थ लड़ाकू विमान को लेकर पाकिस्तान की तुलना भारत के साथ शुरू कर दी है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, कि "J-31 स्टील्थ लड़ाकू विमान से पाकिस्तान को अपने पड़ोसी और मुख्य प्रतिद्वंदी की तुलना में बढ़त मिलेगी।" भारत की तरफ इशारा करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, कि "पाकिस्तान के पड़ोसी को फिलहाल फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट मिलने की संभावना नहीं है।"

हालांकि, ग्लोबल टाइम्स ने ये नहीं बताया, कि 2014 में बनने के बाद भी अभी तक किसी भी देश ना, या खुद चीनी एयरफोर्स ने अभी तक J-31 स्टील्थ लड़ाकू विमान को क्यों नहीं खरीदा? क्या J-31 स्टील्थ लड़ाकू विमान में कोई दिक्कत है, इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि, इसमें कोई शक नहीं है, कि चीनी फाइटर जेट खरीदने के बाद पाकिस्तानी एयरफोर्स की क्षमता में भारी इजाफा हो जाएगा और कई फील्ड में इसे भारत के खिलाफ बढ़त भी हासिल होगी, लेकिन इससे पाकिस्तानी एयरफोर्स को ज्यादा लाभ नहीं मिल पाएगा।

इसमें भी कोई शक नहीं है, कि फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट डील को लेकर भारत में काफी देरी की जा रही है, क्योंकि भारत की जो परियोजना है, वो अभी भी एक प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए संघर्ष कर रही है।

भारत के AMCA प्रोग्राम का क्या हुआ?

एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने सितंबर 2021 में घोषणा की थी, कि एएमसीए 2035 तक स्क्वाड्रन शामिल होने के साथ 2025 में अपनी पहली उड़ान भरेगा, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है।

इसके विपरीत, चीनी J-35 ने 12 नवंबर 2014 को झुहाई एयर शो के दौरान पहली बार सार्वजनिक रूप से उड़ान भरी थी। एयरफ्रेम संशोधनों, एक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल लक्ष्यीकरण प्रणाली, एक बड़ा पेलोड, स्टील्थ में सुधार और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक बेहतर प्रोटोटाइप J-35 ने दिसंबर 2016 में अपनी पहली उड़ान भरी थी।

वहीं, साल 2018 के अंत में चीनी सरकार ने J-35 फाइटर जेट के लिए हामी भरते हुए फंड जारी कर दिया, जिसके बाद पीएलए एयरफोर्स और पीएलए नेवी के लिए J-35 के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया। वहीं, जून 2020 तक, बड़े रडार और कुछ रडार हस्ताक्षर कटौती उपायों के साथ J-31 का तीसरा संस्करण विकसित किया गया था। कुछ लोगों ने नए लड़ाकू विमान को जे-35 कहना शुरू कर दिया।

रिटायर्ड इंडियन एयरफोर्स मिराज-2000 के पायलट और सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज (सीएपीएस) के निदेशक एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने पिछले दिनों यूरेशियन टाइम्स से बात करते हुए इस बात को स्वीकार किया था, कि पाकिस्तानी एयरफोर्स की अधिग्रहण की योजना के संदर्भ में चीनी लड़ाकू विमान एक विश्वसनीय हवाई मंच के रूप में विकसित हो सकता है।

दूसरी तरफ भारत को लेकर रिपोर्ट है, कि जब तक भारत अपना स्वदेशी फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट विकसित नहीं कर लेता है, तब तक भारत अमेरिकी F-35 खरीदने की योजना बना सकता है, लेकिन ये डील इतनी ज्यादा महंगी होगी, कि भारत सरकार के लिए ये सौदा करना उतना आसान नहीं होगा।

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