भारत से दुश्मनी ने पाकिस्तान को किया बर्बाद, विकास पर किए सिर्फ 119 अरब खर्च, आर्मी पर उड़ाए 517 अरब
भारत से दुश्मनी के चलते पाकिस्तान ने जमकर हथियार खरीदे, जिसकी वजह से जहां उसने आर्मी पर 517 अरब खर्च किए हैं, वहीं देश के विकास पर सिर्फ 119 अरब डॉलर ही खर्च किए।

Pakistan News: विकराल आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान दिनों दिन डिफॉल्ट होने के और करीब आ रहा है और पाकिस्तानी अखबार द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबित, पाकिस्तान ने इस वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में लिए गये कर्ज और रक्षा पर 2.2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च किए हैं और ये खर्च, पाकिस्तान की कुल शुद्ध कमाई से काफी ज्यादा है और अपना कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान को अपने खर्च में कटौती करने के साथ साथ बिजली और ऊर्जा उत्पादों के दाम में भारी इजाफा किया है।

बड़े संकट में फंस गया है पाकिस्तान
पाकिस्तान के आर्थिक संकट में फंसने की सबसे बड़ी वजह उसका भारत से दुश्मनी के चलते हथियार खरीदने की होड़ है। इसके साथ ही पाकिस्तान में अंधाधुंध भ्रष्टाचार किया गया है। ट्रिब्यून के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की जुलाई से नवंबर अवधि के दौरान, पाकिस्तान सरकार पर 50 ट्रिलियन का विदेशी कर्ज है और उस कर्ज के भुगतान मं 83 प्रतिशत की खतरनाक वृद्धि हई है, जिसमें से पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने ब्याज लागत में 1.7 ट्रिलियन रुपये का भुगतान किया है, जो कि 763 अरब पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई है और अब पाकिस्तान ने विदेशों में अपनी प्रॉपर्टी बेचनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान बहुत जल्द वॉशिंगटन में स्थित अपना एक बिल्डिंग बेचने वाला है। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है, कि पाकिस्तान ने इस वित्तीय वर्ष के सिर्फ एक छमाही में जितना कर्ज चुकाया है, वो पाकिस्तान के कुल इनकम का 107 प्रतिशत है।

भारत से दुश्मनी में और डूबेगा
पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, रक्षा के मामले में पाकिस्तान सरकार ने पांच महीने में 517 अरब रुपये खर्च किए हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से बताया कि, यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 112 अरब रुपये या लगभग 28 प्रतिशत ज्यादा था। पूरी शुद्ध कमाई सिर्फ दो वर्गों पर खर्च करने के बावजूद देश अभी भी कर्ज के जाल से बाहर निकलने के लिए एक समाधान खोजने के लिए संघर्ष कर रहा है और देश में सुरक्षा का मुद्दा देश की आर्थिक स्थिति को और खराब कर रहा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से अगर पाकिस्तान को बेलऑउट नहीं मिलता है या अगर कोई और देश पाकिस्तान की मदद नहीं करता है, तो पाकिस्तान का डिफॉल्टर होना निश्चित होगा।

विकास पर कितना किया गया खर्च?
पाकिस्तान को लेकर ये काफी आश्चर्यजनक बात है, कि कर्ज के ब्याज का भुगतान करने के लिए जहां 2.2 ट्रिलियन रुपये खर्च किए गये, वहीं देश के विकास पर सिर्फ 119 अरब ही खर्च किए गये। यानि, देश के विकास पर किया गया यह खर्ज, देश के कर्ज और रक्षा पर खर्च किए गए पैसे से काफी कम है। विकास पर खर्च पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 133 अरब रुपये यानि 53 प्रतिशत कम रहा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने कर्ज का ब्याज चुकाने में बेतहाशा खर्च किए हैं और अब पाकिस्तान सरकार आईएमएफ के साथ सहमत वार्षिक प्राथमिक बजट घाटे के लक्ष्य से चूक जाएगी। देश की खराब स्थिति को रोकने के लिए शहबाज शरीफ ने अपने वित्तमंत्री को भी बदल दिया है, लेकिन नये वित्तमंत्री भी अभी तक फेल साबित हो रहे हैं और सिर्फ इतना कह रहे हैं, कि पाकिस्तान डिफॉल्ट नहीं होगा।












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