आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सदमे में आया पाकिस्तान, कहा- ‘हम इस फैसले को...'
जम्मू कश्मीर से अनुछेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। कार्यवाहक विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी ने कहा कि पाकिस्तान, जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित फैसले को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।
जिलानी ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर पर भारतीय संविधान की सर्वोच्चता को स्वीकार नहीं करता है और कहा कि भारतीय संविधान के अधीन किसी भी प्रक्रिया का कोई कानूनी महत्व नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, "भारत घरेलू कानूनों और न्यायिक फैसलों के बहाने अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से पीछे नहीं हट सकता। जम्मू-कश्मीर पर कब्जा करने की उसकी योजना निश्चित रूप से विफल होगी।"
जिलानी ने कहा, "जम्मू और कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवाद है, जो सात दशकों से अधिक समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे में बना हुआ है। जम्मू और कश्मीर का अंतिम निपटान प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार किया जाना है। भारत को कश्मीरी लोगों और पाकिस्तान की इच्छा के विरुद्ध इस विवादित क्षेत्र की स्थिति पर एकतरफा निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है।"
बतादें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को वैध ठहराया है। शीर्ष अदालत के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अनुछेद 370 एक अस्थाई प्रावधान था, केंद्र सरकार ने जो भी फैसला लिया था वो संविधान के दायरे में लिया गया फैसला था।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बारे में बयान दिया है। शरीफ ने कहा कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के खिलाफ फैसला देकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। शहबाज ने कहा कि अदालत ने लाखों कश्मीरियों के 'बलिदान' को धोखा दिया है और इस फैसले को न्याय की हत्या को मान्यता देने के तौर पर देखा जाएगा।












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