चंदा मांग कर बांध बनाने के लिए पाकिस्तान ने जुटाए 318 करोड़, ऐड पर ही खर्च कर दिए 502 करोड़
इस्लामाबाद, 16 सितंबरः पाकिस्तान अभी बीते 30 सालों में आए सबसे भयंकर बाढ़ के घावों से उबर रहा है। पाकिस्तान के पीएम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बाढ़ के कारण बदहाल हुई अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं मगर भूखे मर रहे इस देश में गजब ही खेल चल रहा है। देश में एक बांध बनने में जितनी लागत आई है उसका डेढ़ गुना बांध के प्रचार में लुटा दिया गया है।
तस्वीर- प्रतीकात्मक

पार्लियामेंटरी अफेयर्स कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा
पाकिस्तान पार्लियामेंटरी अफेयर्स कमेटी की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। वाइस न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान ने सिंधु नदी पर एक मेगा बांध (डायमर-भाषा बांध) बनाने के लिए 40 मिलियन डॉलर यानी कि लगभग 319 करोड़ रुपये चंदा कर इकट्ठा किया था लेकिन उसने विज्ञापन पर ही 63 मिलियन डॉलर यानी कि करीब 503 करोड़ खर्च कर दिए गए।

1980 में ही हुआ था प्रस्तावित
डायमर-भाषा बांध मूल रूप से 1980 में प्रस्तावित हुआ था। उस दौरान सिंधु नदी पर अगर यह बांध बन जाता तो पाकिस्तान को 4500 मेगावाट की बिजली मिल पाती। इस बांध को अस्सी के दशक में ही बन जाना था। लेकिन चार दशक से अधिक बीत जाने के बाद भी यह कहीं से भी पूरा बनकर तैयार नहीं हो पाया है। पहले पर्यावरणीय दुष्प्रभाव और बढ़ती लागत जैसे कई कारकों ने इसके निर्माण में बाधाएं खड़ीं कीं। अब यह बांध भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

परवेज मुशर्रफ ने 2006 में दिखाई हरी झंडी
साल 2006 में इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सरकार ने हरी झंडी दिखाई थी। इसी बीच विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक ने डैम के विवादित जगह यानी कि कश्मीर में होने के कारण फाइनेंस करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जुलाई 2018 में साकिब निसार ने पाकिस्तान का मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद सार्वजनिक कोष की मदद से बांध बनाने का फैसला किया था।

जस्टिस निसार ने 2018 में की पहल
4 साल बीत जाने के बाद भी डैम अभी तक पूरा बनकर तैयार नहीं हुआ है, लेकिन इसके विज्ञापन में इसके डेढ़ गुना से ज्यादा पैसा खर्च हो चुका है। 2018 में जब निसार चीफ जस्टिस बने तब बांध के निर्माण के लिए एक कोष की स्थापना की थी। इसकी लागत तब तक बढ़कर 14 बिलियन हो चुकी थी। इस दौरान लोगों से बांध के निर्माण के लिए चंदा देने की भावुक अपील की गई थी।

इमरान खान ने भी जनता से मांगा सहयोग
इमरान खान जो कि उस समय पाकिस्तान के पीएम थे, उन्होंने भी जनता को सहयोग करने को कहा था। वाइस न्यूज के मुताबिक 2019 में निसार ने दावा किया था कि लगभग 9 बिलियन डॉलर इकट्ठा हो चुका है और फंड में 6.3 बिलियन डॉलर की कमी रह गयी है। और फंड वास्तव में बांध बनाने के लए नहीं था बल्कि जागरूकता बढ़ाने के लिए था। इसके तुरंत बाद भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे।

खिलाड़ियों से लेकर सेना तक ने दिया पैसा
पाकिस्तान नेशनल असेंबली के एक सदस्य ने दावा किया है कि बांध निधि के लिए विज्ञापन पर जितनी राशि खर्च की गई थी उससे अधिक राशि इसके लिए जुटाई गई थी। इस संयुक्त उद्यम में जनता, क्रिकेट टीम शीर्ष संगीतकार, सेना और सरकारी कर्मचारियों ने पैसा दिया था। अब पाकिस्तान संसदीय मामलों की समिति ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश निसार को बांध निधि के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है।












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