‘चोर-चोर, गद्दार-गद्दार’... शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी मंत्रियों को देखते ही मदीना मस्जिद में लगे नारे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शहबाज शरीफ को देखकर चोर-चोर के शोर का वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें कई तीर्थयात्रियों को "चोर चोर" के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।
रियाद, अप्रैल 29: इमरान खान और उनके समर्थकों ने पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी नई सरकार को चैन से सांस लेना दूभर कर दिया है। तीन दिनों के लिए सऊदी अरब के दौरे पर पहुंचे शहबाज शरीफ का मदीना में बेहद अनोखे तरीके से स्वागत किया गया और मस्जिद-ए-नबावी के अंदर शहबाज शरीफ को देखते ही लोगों ने 'चोर-चोर' के नारे लगाने शुरू कर दिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शहबाज शरीफ को देखकर चोर-चोर के शोर का वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें कई तीर्थयात्रियों को "चोर चोर" के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनका प्रतिनिधिमंडल मस्जिद-ए-नबावी में दाखिल हुआ...उस वक्त कुछ लोगों ने जैसे ही शहबाज शरीफ को मस्जिद के प्रांगन में देखा, वो चोर, चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए। शहवाज शरीफ के साथ कुछ सुरक्षाकर्मियों को भी देखा जा रहा है और उस वक्त शहबाज शरीफ एक ई-रिक्शा पर कुछ अधिकारियों के साथ बैठे हुए देखे जा रहे हैं।

आरोपी किए गये गिरफ्तार
वहीं, इस घटना के बाद मस्जिद की पवित्रता उल्लंघन करने के आरोप में चोर-चोर चिल्लाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसवीडियो में, पाकिस्तान की नई सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब और नेशनल असेंबली के सदस्य शाहज़ैन बुगती को भी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ देखा जा रहा है। पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, मरियम औरंगजेब ने परोक्ष रूप से अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा कि, "मैं इस पवित्र भूमि पर इस व्यक्ति का नाम नहीं लूंगी, क्योंकि मैं इस भूमि का उपयोग राजनीति के लिए नहीं करना चाहती। लेकिन, उन्होंने (पाकिस्तानी) समाज को नष्ट कर दिया है'।
सऊदी दौरे पर हैं शहबाज शरीफ
आपको बता दें कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद शहबाज शरीफ पहली बार सऊदी अरब के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सऊदी दौरे पर उनके साथ दर्जनों अधिकारी और राजनीतिक सहयोगी साथ आए हैं। वहीं, पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस वीडियो को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और एक ट्वीटर यूजर ने लिखा है कि, 'पाकिस्तानियों, गर्व करो! इस वीडियो को देखकर खुश हो जाए, क्योंकि सऊदी अरब में प्रधानमंत्री और पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) अपराधियों के गिरोह का कितना शानदार स्वागत किया गया है'।

इमरान खान हैं जिम्मेदार?
पाकिस्तान के कई ट्वीटर यूजर्स ने शहबाज शरीफ को चोर-चोर कहने के लिए इमरान खान को जिम्मेदार ठहराया है और एक ट्वीटर यूजर मुहम्मद इब्राहिम काज़ी ने कहा कि 'सऊदी अरब में जो हुआ है, उसके लिए इमरान खान जिम्मेदार हैं। और उन्होंने पाकिस्तान से मदीना में अनैतिक अश्लीलत का निर्यात किया है। इसके साथ ही इमरान खान की वजह से सऊदी अरब राज्य के कानूनों का भी उल्लंघन किया जा रहा है, जिसके लिए पाकिस्तानियों की निंदा की जा रही है, क्योंकि उन्होंने पाक मस्जिद में गलत हरकत की है'। आपको बता दें कि, शहबाज शरीफ ने 11 अप्रैल को पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब उनके पूर्ववर्ती इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था।

सऊदी से कर्ज मांगेगे शहबाज शरीफ
आपको बता दें कि, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, शहबाज शरीफ तीन दिनों के आधिकारिक सऊदी अरब के दौरे पर हैं, जहां वो सऊदी की टॉप लीडरशिप के साथ अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश से जुड़े आपसी रिश्तों पर चर्चा करेंगे। यात्रा के दौरान शरीफ सऊदी अरब से 3.2 अरब डॉलर के अतिरिक्त पैकेज की मांग करेंगे। वह पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में और कमी को रोकने के लिए यह अनुरोध करेंगे। यहां आपके लिए जानना जरूरी है, कि पाकिस्तान को इस साल जून के अंत में 2.5 अरब लर का विदेशी ऋण चुकाना है, लेकिन पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में इतने पैसे नहीं बचे हैं, कि वो विदेशी कर्ज का किश्त चुका सके और अगर पाकिस्तान ऐसा नहीं करता है, तो फिर वो डिफॉल्टर घोषित हो जाएगा।

मुश्किल स्थितियों में फंसा है पाकिस्तान
पाकिस्तान की इस वक्त स्थिति ये है, कि वित्तीय वर्ष 2023 तक पाकिस्तान को 20 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना है, जिसमें 4.5 अरब डॉलर का कर्ज चीन और संयुक्त अरब अमीरात के द्वारा रोलओवर किया जा चुका है। वहीं, इस साल फरवरी महीने तक, पाकिस्तान के पास आधिकारिक तौर पर 21.6 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बचा था, लेकिन, पाकिस्तान के पास जो विदेशी मुद्रा भंडार बचा भी है, उसमें से ज्यादातर धनराशि तक उसकी पहुंच ही नहीं है, लिहाजा पाकिस्तान पर लगातार डिफॉल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है, कि अगर सऊदी अरब और चीन इस बार पाकिस्तान को कर्ज देता भी है, जिस जिसकी उम्मीद काफी कम है, फिर भी पाकिस्तान सिर्फ एक साल ही और बचा रह सकता है।












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