Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

अमेरिका के अलार्म बजाने के बाद चर्च हमले को लेकर जागा पाकिस्तान, हाई-लेवल जांच के दिए आदेश

US on Pakistan church attacks: संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान में ईसाइयों पर किए गये हमले को लेकर चिंता जताई है और पाकिस्तान सरकार से इस्लाम की निंदा की अफवाहों के बाद चर्चों और ईसाई घरों पर भीड़ के हमलों की जांच करने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आने के बाद पाकिस्तान की केयरटेकर सरकार ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। आपको बता दें, कि सैकड़ों मुस्लिमों की भीड़ ने ने बुधवार को पूर्वी औद्योगिक शहर फैसलाबाद के बाहरी इलाके में ईसाई बहुल इलाके पर हमला कर दिया था और कम से कम पांच चर्चों में आग लगा दी थी।

pakistan church
अमेरिका ने चर्च हमले पर क्या कहा?

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने संवाददाताओं से कहा, कि "हम इस बात से बेहद चिंतित हैं कि पाकिस्तान में कुरान के अपमान की रिपोर्ट के जवाब में चर्चों और घरों को निशाना बनाया गया है।"

उन्होंने कहा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका स्वतंत्र अभिव्यक्ति का समर्थन करता है, "हिंसा या हिंसा की धमकी कभी भी अभिव्यक्ति का स्वीकार्य रूप नहीं है।"

उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तानी अधिकारियों से इन आरोपों की पूरी जांच करने और शांति बनाए रखने का आग्रह करते हैं।"

आपको बता दें, कि मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा एक संवेदनशील मुद्दा है, जहां इस्लाम या इस्लामी हस्तियों का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को मौत की सजा दी जा सकती है। आलोचकों का कहना है, कि इस्लाम के अपमान की अफवाहें अक्सर गैर-मुसलमानों के खिलाफ हिसाब बराबर करने के लिए फैलाई जाती हैं।

वहीं, बुधवार को भीड़ द्वारा कई चर्चों में आग लगाने और ईसाइयों के घरों में तोड़फोड़ करने के बाद अंतरिम पंजाब सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, अधिकारियों ने कहा कि 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रांतीय सरकार के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, कि "यह शांति को बाधित करने की एक सोची-समझी योजना थी और पवित्र कुरान के अपमान और उसके बाद होने वाली घटनाओं के संबंध में उच्च स्तरीय जांच चल रही है।"

प्रवक्ता ने कहा, कि पुलिस ने अल्पसंख्यकों के घरों पर हमला करने के प्रयास को "विफल" कर दिया और इसी तरह के प्रयासों को विफल करने के लिए "शांति समिति" जुटी हुई है। हालांकि, ईसाई समुदाय के लोगों का कहना है, कि जब उनके घरों पर हमले किए जा रहे थे, उस वक्त पुलिस सड़क किनारे खड़े होकर तमाशा देख रही थी और पुलिस ने दंगाइयों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने कहा, कि "पाकिस्तान में ऐसे हमलों की संख्या और उनकी तीव्रता काफी बढ़ गई है, जो बड़े पैमाने पर व्यवस्थित होकर हिंसा करते हैं।"

वहीं, मानवाधिकार समूहों ने 2014 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के निर्देशानुसार, धार्मिक अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बलों की स्थापना और उन्हें सुसज्जित करने का आह्वान सरकार से किया है।

वहीं, अंतर्राष्ट्रीय प्रेशर के बाद पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर ने बुधवार की हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ''मैं सामने आ रहे दृश्यों से आहत हूं।''

31 वर्षीय ईसाई यासिर भट्टी, जिन्हें हमले के बाद अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है, उन्होंने फोन पर समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, कि "उन्होंने खिड़कियां, दरवाजे तोड़ दिए और फ्रिज, सोफा, कुर्सियां और अन्य घरेलू सामान निकालकर चर्च के सामने जलाने के लिए ढेर लगा दिया। उन्होंने बाइबिल को भी जला दिया और अपवित्र किया, वे निर्दयी थे।"

आपको बता दें, कि पाकिस्तान में ईशनिंदा एक संवेदनशील मुद्दा है, जहां इस्लाम या इस्लामी हस्तियों का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को मृत्युदंड का सामना करना पड़ सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+