कुलभूषण जाधव: पाकिस्तान ने भारत को दिया तीसरे कॉन्सुलर एक्सेस का प्रस्ताव, बातचीत के दौरान नहीं रहेंगे सुरक्षाकर्मी
नई दिल्ली: इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में खुद को बचाने के लिए पाकिस्तान नई योजना बना रहा है। अब उसने भारत को कुलभूषण जाधव के मामले में तीसरे कॉन्सुलर एक्सेस का प्रस्ताव दिया है। साथ ही बातचीत के दौरान सुरक्षाकर्मियों को नहीं रखने वाली मांग को भी स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में पाक की ओर से भारत को एक वर्बल नोट भी भेजा गया है।

इससे पहले गुरुवार को जाधव को दूसरा कॉन्सुलर एक्सेस मिला था। उस दौरान इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी जाधव से मिलने पहुंच थे, लेकिन बातचीत के वक्त पाकिस्तान के अधिकारी भी मौजूद थे। जिस पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया था। इसके बाद शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने भारत को कुलभूषण के मामले में तीसरे कॉन्सुलर एक्सेस का प्रस्ताव दिया है। साथ ही ये वादा भी किया है कि बातचीत के दौरान वहां पर कोई पाकिस्तानी अधिकारी या सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं रहेंगे।
पुनर्विचार पर बोला झूठ
पाकिस्तान के अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल अहमद इरफान ने इससे पहले दावा किया था कि 17 जून, 2020 को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पुनर्विचार के लिए एक याचिका दायर करने के लिए आमंत्रित किया गया था। इसके बावजूद जाधव ने कानूनी अधिकार का प्रयोग करते हुए सजा और सजा पर पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक जाधव पर पाकिस्तान का दावा दूरगामी है। वो जाधव के लिए हर कानूनी कदम उठाएंगे।
2017 में सुनाई गई थी सजा
भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। अप्रैल 2017 में पाकिस्तान सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत ने जाधव तक कॉन्सुलर पहुंच से इनकार करने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था।












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