अब रोहिंग्या की मदद के नाम पर रखाईन में बड़ी साजिश रच रहा हाफिज

नई दिल्ली। रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए अब आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा बांग्लादेश पहुंच गया है, लश्कर की विंग फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन ने म्यामार के रखाईन इलाके में ऑपरेशन शुरू किया है। इस बाबत संगठन ने ऑनलाइन प्रोपेगेंडा मैटीरियल भी जारी किया है। एफआईएफ के सदस्यों का दावा है कि वह लाखो रुपए और कंबल 300 से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को बांट चुके हैं। इस दावे की पुष्टि खुद बांग्लादेश के खुफिया विभाग के अधिकारी ने की है कि यह ग्रुप रिफ्यूजी कैंप में काम कर रहा है जोकि कॉक्स बाजार के पास है, स्थानीय मुस्लिम संगठन की मदद से एफआईएफ यहां काम कर रहा है।

मुसलमानों की मदद की बात कही

मुसलमानों की मदद की बात कही

एफआईएफ में विदेशी मामलों का मुखिया शाहिद महमूद ने ऑनलाइन एक बयान जारी करके कहा है कि रीलीफ फंड जो इकट्ठा किया गया है उशे सफलतापूर्वक रखाईन में पहुंचा दिया गाय है, यह मदद बेहद ही मुश्किल स्थिति में लोगों को पहुंचाई गई है। उसने कहा कि एफआईएफ बर्मा के उन तमाम इलाकों में अपनी मदद पहुंचाना चाहता है जहां मुसलमानों की संख्या अधिक है। एक वरिष्ठ बांग्लादेश के आईबी अधिकारी का कहना है कि एफआईएफ का ऑपरेशन म्यामार विवाद में नई मुश्किल खड़ी कर सकता है, यहां बड़ी संख्या में जिहादी ग्रुप लड़ाई में लिप्त हैं। यहां मौजूदा समय में अराकान रोहिंग्या सैल्वेशन ऑर्मी जिसे हरका-अल-यकीन के नाम से भी जाना जाता है वह यहां पहले से ही अपनी काम कर रहा है।

खुद सामने आया था हाफिज सईद

खुद सामने आया था हाफिज सईद

लश्कर का रोहिंग्या विवाद से पुराना नाता है, 2012 में यह मामला खुलकर सामने आया है, जब खुद हाफिज मोहम्मद ने जिहादी कमांडर अब्दुल कुदूस बर्मी के साथ मंच साझा किया था। लश्कर ने अपनी मौजूदगी तब बढ़ाना शुरू की जब तमाम घर, मदरसे 1000 से अधिक रिफ्यूजी के लिए इंडोनेशिया में बनाया जाना शुरू किया गया। आईबी के अधिकारी का कहना है कि एआरएसए म्यामार में बम धमाके करके और ग्रामीणों को हथियार देकर अपनी पैठ को विद्रोहियों के बीच मजबूत करना चाहता है, यह एक खतरनाक संकेत है जोकि पाकिस्तान के और संगठनों को यहां आने के लिए मददगार होगा।

बांग्लादेश में विदेशी मदद पर है रोक

बांग्लादेश में विदेशी मदद पर है रोक

आपको बता दें कि बांग्लादेश ने अक्टूबर में रोहिंग्या के लिए विवादित अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक चैरिटी, मुस्लिम मदद, इस्लामिक रिलीफ ऑपरेशन को बंद कर दिया था, लेकिन जिस तरह से एफआईएफ यहां अपना अभियान चला रहा है वह बांग्लादेश के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। म्यामार ने भी आरोप लगाया था कि एआएसए यहां आतंकवाद को बढ़ा रहा है और लोगों को हथियार उठाने के लिए ने प्रशिक्षित कर रहा है, यह प्रशिक्षणकर्ता पाकिस्तान से आए थे, इन्ही लोगों ने अगस्त में सेना और पुलिस पर गोलीबारी, आगजनी की थी। लेकिन गलती से आईईडी यहां ब्लास्ट होने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई, जिसमे पाकिस्तान के ट्रेनर भी शामिल थे।

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