पाकिस्तान में आवश्यक सामानों के लिए हाहाकार, बंदरगाह पर जमा हुए हजारों कंटेनर्स, खरीदने को पैसे नहीं
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 5 अरब डॉलर से कम हो गया है और विदेशों से जो पाकिस्तान को लोन मिलने वाली है, वो अभी सिर्फ वादों के स्तर तक है, लिहाजा पाकिस्तान के पास सामान खरीदने के पैसे नहीं बचे हैं।

Pakistan Crisis: पाकिस्तान में आटा के साथ साथ अब दाल के भी मारामारी शुरू हो गई है और ऐसा लग रहा है, कि भारत के पड़ोसी देश में श्रीलंका जैसे हालात करीब करीब बन चुके हैं। गेहूं के लिए पाकिस्तान पहले से ही गंभीर संकट से जूझ रहा है और कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें स्थानीय लोगों को आटा के एक पैकेट के लिए आपस में लड़ते-झगड़ते देखा जा रहा है और एक्सपर्ट्स का मानना है, कि शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाला पाकिस्तान, आपातकालीन स्थिति की तरफ बढ़ रहा है, क्योंकि आटा के बाद दाल के लिए भी संकट शुरू हो चुका है।

आटे के बाद दाल संकट
पाकिस्तान में खाद्य सामानों की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है और आशंका है, कि आने वाले दिनों में इन कीमतों में और इजाफा होगा। कुछ दिन पहले पाकिस्तान के बाजारों में गेहूं की कमी के कारण भगदड़ मच गई थी। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में भी कई घटनाओं की सूचना मिली थी। लेकिन, अब पाकिस्तान एक और संकट की तरफ तेजी से बढ़ गया है और पाकिस्तान में दाल संकट शुरू हो गया है। पाकिस्तान में दालों की कीमत में दिनों-दिन इजाफा होता जा रहा है और पाकिस्तान के बंदरगाहों पर सामान पड़े हुए हैं, लेकिन सरकार के पास इतना पैसा ही नहीं है, कि वो सामान बंदरगाहों से आयात कर सके, लिहाजा स्थिति काफी गंभीर हो गई है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बंदरगाहों पर करोड़ों रुपये के सामान रखे हुए हैं, लेकिन सरकार उन्हें खरीद नहीं पा रही है। (आटे के लिए दुकान के पास बैठी महिलाएं)

बंदरगाह पर जमा हो रहे सामान
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में पिछले दो महीनों से बंदरगाहों पर सामान स्टॉक हो रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें खरीदने के लिए भुगतान नहीं कर पा रही है। डॉन के मुताबिक, पिछले दो महीनों से बंदरगाह पर सिर्फ दालों के 6,000 कंटेनर जमा हो चुके हैं, लेकिन सरकार उन्हें खरीदने केो लिए मंजूरी नहीं दे रही है, क्योंकि सरकार के पास दाल खरीदने के पैसे नहीं हैं। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पांच अरब डॉलर के नीचे जा चुका है और पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 3 हफ्ते तक ही देश चलाने के लिए पैसा बचा है। कराची होलसेलर्स ग्रॉसर्स एसोसिएशन (KWGA) के अध्यक्ष रऊफ इब्राहिम ने कहा, कि पाकिस्तान में अमेरिकी डॉलर्स की कमी की वजह से पाकिस्तान स्टेस बैंक व्यापारियों को विदेशों से खरीदे गये सामान की भुगतान की इजाजत नहीं दे रहा है, लिहाजा बंदरगाहों पर हजारों कंटेनर्स जमा हो गये हैं। उन्होंने कहा कि, गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुख्य कार्यालय के बाहर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।
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दाल की कीमत में बेतहाशा इजाफा
डॉन अखबार ने एक जिंस आयातक/निर्यातक कारोबारी के हवाले से कहा, कि चना दाल का थोक मूल्य दिसंबर महीने के मुकाबले, एक जनवरी को 180 रुपये किलो से बढ़कर 205 रुपये किलो हो गया है। वहीं, मसूर दाल की कीमत, जो पहले 205 पाकिस्तानी रुपये थी, वो अब बढ़कर 225 पाकिस्तानी रुपये हो गई है, जबकि मैश और मूंग की कीमतें क्रमशः 315 पाकिस्तानी रुपये और 225 रुपये पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर क्रमश: 335 रुपये प्रति किलोग्राम और 260 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। खुदरा बाजार में इन कीमतों में और भी ज्यादा इजाफा हुआ है। कुल मिलाकर स्थिति ये है, कि पाकिस्तान में आटा की कीमत 170-180 रुपये किलो है और दाल की कीमत 200 रुपये किलो से ज्यादा... तो एक आम पाकिस्तानी के लिए दाल-रोटी खाना भी संघर्ष करने जैसा हो गया है।
कई क्षेत्रों में स्थिति काफी गंभीर
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में स्थिति काफी गंभीर हो गई है और बहुत जल्द भुखमरी की आशंका भी जताई गई है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के ग्रामीण इलाकों में आटे की कीमत 300 रुपये किलो को पार कर गई है और सड़कों पर आटे के लिए धक्का-मुक्की की तस्वीरें आम हो गई हैं। सोशल मीडिया पर आटे की किल्लत को लेकर कई सैकड़ों वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें देखा जा रहा है, कि लोग आटा और दाल खरीदने के लिए किस कदर संघर्ष कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दर्जनों बाइक सवारों को एक ट्रक का पीछा करते हुए देखा जा रहा है, क्योंकि ट्रक में आटा के पैकेट्स भरे थे। कुछ लोग ट्रक पर लटके हुए दिख रहे हैं और उनके हाथों में पैसा भी दिख रहा है।












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