तालिबान को बधाई देने आज काबुल जा रहे पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी, भड़के अफगानों ने कहा- लानत है
हक्कानी नेटवर्क द्वारा अफगानिस्तान की राजधानी की सुरक्षा अपने हाथ में लेने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के तालिबान नेताओं से मुलाकात करने के लिए रविवार को काबुल पहुंचने की उम्मीद है।
इस्लामाबाद/काबुल, अगस्त 22: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के ठीक एक हफ्ते बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी आज काबुल जा रहे हैं। जहां वो तालिबानी नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। अफगानिस्तानी न्यूज चैनल टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी विदेश मंत्री के आज राजधानी काबुल में होने का कार्यक्रम है और शाह महमूद कुरैशी ऐसे पहले विदेशी नेता होंगे, जो काबुल पर तालिबानी कब्जे के बाद अफगानिस्तान का दौरा करेंगे।

काबुल जाएंगे पाकिस्तानी विदेश मंत्री
हक्कानी नेटवर्क द्वारा अफगानिस्तान की राजधानी की सुरक्षा अपने हाथ में लेने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के तालिबान नेताओं से मुलाकात करने के लिए रविवार को काबुल पहुंचने की उम्मीद है। टोलो न्यूज एजेंसी के मुताबिक कुरैशी का 22 अगस्त रविवार को काबुल में होने का कार्यक्रम है। युद्धग्रस्त देश में अफगानिस्तान में तालिबानी शासन स्थापित होने के बाद किसी विदेशी नेता की यह पहली यात्रा होगी । टोलो न्यूज की रिपोर्ट पर एक राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार, शाह महमूद कुरैशी की यह यात्रा काफी हद तक इसलिए है, क्योंकि पाकिस्तान अफगानिस्तान में नई सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाना चाहता है।

सरकार बनाने की तैयारी में तालिबान
पश्चिमी समर्थित सरकार और सैन्य पतन के बाद दो दशकों के बाद अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना के हटने के बाद तालिबान अफगानिस्तान में एक नई सरकार बनाने की कोशिश कर रहा है। रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने शनिवार को बताया कि, तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर, सरकार बनाने पर अन्य नेताओं के साथ बातचीत के लिए दिन में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी ने शनिवार को रूस, जर्मनी, तुर्की, नीदरलैंड और बेल्जियम में अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बातचीत में कुरैशी ने जोर देकर कहा कि एक शांतिपूर्ण और स्थिर अफगानिस्तान पाकिस्तान और पश्चिम एशिया के लिए महत्वपूर्ण है।

तालिबान को समर्थन देगा पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, "पाकिस्तान ने लगातार अफगान शांति प्रक्रिया का समर्थन किया था," विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, "समावेशी राजनीतिक समझौता" अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए सबसे अच्छा तरीका था। नाम न छापने की शर्त पर तालिबान के एक अधिकारी ने इस सप्ताह की शुरुआत में रॉयटर्स को बताया कि, अफगानिस्तान में नया सरकारी ढांचा पश्चिमी परिभाषाओं से लोकतंत्र नहीं होगा, लेकिन "सभी के अधिकारों की रक्षा करेगा।" तालिबान, जो सुन्नी इस्लाम के अति-कट्टरपंथी वेरिएंट का पालन करता है, उसनेने अफगानिस्तान में सत्ता में लौटने के बाद से अधिक उदार चेहरा पेश करने की कोशिश जरूर की है, लेकिन वो कोशिश नाकाम साबित हो रही है। अफगानिस्तान के लोग इस बात पर जोर देते हैं कि तालिबान का "उदारवादी" चेहरा केवल एक अस्थायी शो है।

शाह महमूद कुरैशी का विरोध
अफगानिस्तान दौरे पर जा रहे शाह महमूद कुरैशी का अफगानिस्तान के युवा, मानवाधिकार कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता भारी विरोध कर रहे हैं। ट्विटर पर 'सेंक्शन पाकिस्तान' ट्रेंड चल रहा है और लोगों का कहना है कि शाह महमूद कुरैशी का अफगानिस्तान में स्वागत नहीं है। अफगानिस्तान के लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की वजह से ही उनके देश का ऐसा हाल हुआ है। कई अफगानों ने ट्विटर पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग के साथ कहा है कि वैश्विक शांति के लिए पाकिस्तान बेहद खतरनाक है।












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