पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए 3:2 फॉर्मूले पर बनी सहमति! नवाज-बिलावल में डील की जानिए Inside Story
Pakistan Election: पाकिस्तान के इतिहास में आज तक जितने भी प्रधानमंत्री बने हैं, उनमें से किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल के पूरे पांच साल पूरे नहीं किए हैं और इस बार भी कुछ ऐसा ही होने के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं।
जियो न्यूज के अनुसार, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने सत्ता-साझाकरण फॉर्मूले के तहत तीन और दो साल के कार्यकाल के लिए अपनी पार्टियों से प्रधानमंत्रियों की नियुक्ति की संभावना पर विचार-विमर्श किया है।

3:2 फॉर्मूले पर बन सकती है सहमति
इस डेवलपमेंट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, केंद्र और प्रांतों में गठबंधन सरकार बनाने के लिए दोनों ही पार्टियों के बीच लगातार बैठकें की जा रही हैं, जिसमें इस बात को लेकर विचार विमर्श हो रहा है, कि दोनों ही पार्टियों को प्रधानमंत्री पद मिले।
इससे पहले पाकिस्तान के बलूचिस्तान में साल 2013 में पीएमएल-एन और नेशनल पार्टी (एनपी) ने इसी फॉर्मूले पर सरकार का गठन किया था और दोनों ही पार्टियों की सरकार ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था।
लाहौर के बिलावल हाउस में रविवार को हुई बैठक में दोनों पक्ष आम चुनाव के बाद देश की राजनीतिक स्थिरता के लिए सहयोग करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए हैं। बैठक में पीपीपी-संसदीय अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी, पीपीपी अध्यक्ष बिलावल-भुट्टो जरदारी और पीएमएल-एन से पूर्व प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने भाग लिया।
बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, कि देश हित के लिए दोनों पार्टियों ने साथ में काम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। दोनों दलों के नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य और देश की भलाई के लिए सहयोगात्मक प्रयासों की अनिवार्यता के संबंध में गहन चर्चा करने की बात कही है।
पीएमएल-एन प्रतिनिधिमंडल में आजम नजीर तरार, अयाज सादिक, अहसान इकबाल, राणा तनवीर, ख्वाजा साद रफीक, मलिक अहमद खान, मरियम औरंगजेब और शेजा फातिमा शामिल थे।
संयुक्त बयान में कहा गया है, कि चर्चा के मुख्य बिंदु पाकिस्तान की समग्र स्थिति का आकलन, भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श और बोर्ड भर में स्थिरता और प्रगति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिफारिशों का आदान-प्रदान था।
इनसाइड स्टोरी क्या है?
बैठक की इनसाइड स्टोरी के मुताबिक, पीएमएल-एन ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन सरकार बनाने के लिए पीपीपी को सहयोगी की पेशकश की है। अंदरूनी सूत्रों ने बताया है, कि पीएमएल-एन नेतृत्व ने पीपीपी को स्वतंत्र सांसदों और एमक्यूएम-पाकिस्तान के साथ अपने संपर्कों के बारे में भी बताया है।
पीएमएल-एन नेतृत्व ने मांग की है, वह प्रधान मंत्री पोस्ट अपने पास ही रखेगा, जबकि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी ने कहा, कि पीपीपी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीईसी) ने पहले ही बिलावल को प्रधान मंत्री पद के लिए नामित कर दिया है।
जिसके बाद, सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के नेतृत्व ने पांच साल के आधे कार्यकाल के लिए अपनी पार्टियों के प्रधान मंत्री को नियुक्त करने की संभावना तलाशी। यानि, ढाई साल नवाज की पार्टी के प्रधानमंत्री और ढाई साल बिलावल भुट्टो प्रधानमंत्री रहेंगे।
सूत्रों ने बताया कि प्रमुख दल केंद्र, पंजाब और बलूचिस्तान में भी गठबंधन सरकार बनाने पर सहमत हो गए हैं।
सरकार बनाने के लिए उन्होंने 2006 में हस्ताक्षरित लोकतंत्र चार्टर के तहत पांच साल का रोडमैप तैयार करने का प्रस्ताव पेश किया है।
सूत्रों ने कहा, "पीपीपी आज सीईसी बैठक में सत्ता साझेदारी के प्रस्ताव पेश करेगी।"
इससे पहले सरकार बनाने किए नवाज शरीफ की पार्टी ने पहले ही एमक्यूएम-पी नेताओं के साथ सांठगांठ कर ली है और उसके बाद बिलावल भुट्टो की पार्टी के साथ बैठक की गई है। यानि, अब पाकिस्तान में सरकार बनने का रास्ता साफ होता जा रहा है और बहुत संभावना है, कि इस कार्यकाल में आखिरकार बिलावल भुट्टो प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ जाएं।












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