लोकसभा चुनाव के बाद सही होने लगेंगे संबंध.. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत को लेकर दिया बयान
India-Pakistan Tie: भारत में लोकसभा चुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है और अभी तक किसी भी नेता की जुबान पर पाकिस्तान का नाम नहीं आया है। लेकिन, पाकिस्तान के नेताओं को लगता है, कि भारत में होने वाला चुनाव अभी भी पाकिस्तान के नाम पर लड़ा जाता है।
जबकि, भारत ने लगातार पाकिस्तान पर अपनी सीमाओं के पार आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाया है और पूरी तरह से साफ कर दिया है, कि भारत तभी पाकिस्तान से बातचीत करेगा, जब पाकिस्तान आतंकवाद पर पूरी तरह से लगाम नहीं लगाता है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत में 19 अप्रैल से शुरू होने वाले और जून में खत्म होने वाले चुनाव के बाद भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में बेहतरी की उम्मीद जताई है। पाकिस्तानी ब्रॉडकास्ट जियो न्यूज ने कहा है, कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को उम्मीद है, कि भारत में लोगसभा चुनाव खत्म होने के बाद दोनों देशों के बीच के संबंध बेहतर हो सकते हैं।
कश्मीर विवाद के बीच पाकिस्तान ने सालों से भारत में आतंकवाद फैलाने की कोशिश की है और पाकिस्तानी आतंकियों ने भारत में कई हमलों को अंजाम दिया है, वहीं पाकिस्तान ने अभी तक कश्मीर के उस हिस्से को भी नहीं छोड़ा है, जिसपर उसने 1947 के बाद अवैध तरीके से कब्जा कर लिया था। लिहाजा, भारत और पाकिस्तान के बीच के संबंध हमेशा से खराब रहे हैं।
हालांकि, वक्त वक्त पर भारतीय नेताओं ने संबंध सुधारने की कोशिश की है, लेकिन हर बार पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया है। हाल ही में, भारत ने UNGA में पाकिस्तान के दूत की तरफ से पेश किए गए 'इस्लामोफोबिया से निपटने के उपाय' पर एक प्रस्ताव को अपनाने से परहेज किया है।
वहीं, इस्लामाबाद में संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, कि "भारत के साथ हमारे संबंध वहां चुनाव के बाद बेहतर हो सकते हैं।" उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान और भारत के संबंधों की अपनी "अपनी पृष्ठभूमि" है।
जियो न्यूज के मुताबिक, चीन, भारत, अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगे पाकिस्तान का चीन को छोड़कर अपने सभी पड़ोसियों से विवाद चल रहा है। लिहाजा, ख्वाजा आसिफ उम्मीद जता रहे हैं, पाकिस्तान अपने पड़ोसियों से संबंध सुधारने की कोशिश करेगा।
अफगानिस्तान-ईरान से भी हैं पाकिस्तान के खराब संबंध
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर भी बात की और कहा, कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से तालिबान शासित देश का दौरा किया है और तालिबान सरकार से आतंकवाद को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
रक्षा मंत्री ने कहा, कि उन्होंने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अफगानिस्तान का दौरा कर वहां की तालिबान सरकार से आतंकवाद को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने आगे कहा, कि काबुल ने समस्या के समाधान के लिए जो उपाय बताए, वो व्यावहारिक नहीं थे।
ख्वाजा आसिफ ने कहा, कि "पाकिस्तान के प्रति अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के रवैये में उतार-चढ़ाव के कारण अब पड़ोसी के लिए हमारे विकल्प दिन-ब-दिन कम होते जा रहे हैं।" जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, कि "पाकिस्तान हमेशा अफगानिस्तान के साथ खड़ा रहा है, उनके लिए बलिदान दिया है और यहां तक कि उनके साथ युद्ध भी लड़ा है।"
उन्होंने दुनिया भर की अन्य सीमाओं की तरह पाकिस्तान-अफगान सीमा पर भी वीजा व्यवस्था लागू हो। उन्होंने कहा, कि बगैर वीजा आवाजाही से पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में इजाफा होता है।
आपको बता दें, कि पाकिस्तान की तरफ से भारत से व्यापार को लेकर भी बार बार बयान आ रहे हैं और ऐसी उम्मीद है, कि चुनाव के बाद देश में महंगाई को काबू में करने के लिए शहबाज शरीफ की सरकार भारत के साथ कारोबार फिर से शुरू कर सकती है।












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