पाकिस्तानः ईसाइयों पर मस्जिद से हमले का जारी हुआ फरमान, चर्च में अल्लाह का नाम लिखकर कहा- ‘हम आ रहे हैं’
पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों में ईसाई समुदाय पर लगातार हमले हो रहे हैं। इसी बीच मंगलवार सुबह लाहौर की एक मस्जिद से ईसाइयों पर हमले का निर्देश जारी किया गया है।
लाहौर के शेखुपुरा इलाके में एक ईसाई युवक और कुछ स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया और इसके तुरंत बाद, मुसलमानों को एक स्थानीय मस्जिद में इकट्ठा होने के लिए बुलाया गया। इसके बाद, ईसाई समुदाय के सदस्यों ने क्षेत्र से पलायन करना शुरू कर दिया है और एक वीडियो जारी कर मदद की अपील की है।

Image: file
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें एक ईसाई समुदाय का शख्स आज सुबह अपनी आपबीती बता रहा है और प्रशासन से मदद मांग रहा है।
Christian’s are under Attack in #Pakistan.
— Faraz Pervaiz (@FarazPervaiz3) September 5, 2023
September 5, 2023 Sheikhupura, Lahore Pakistani Christians on the run to save their lives after an other false #blasphemy accusation
Since Early morning An announcement from a local mosque to protest and attack Christian Houses in… pic.twitter.com/2sQVzrXde2
इससे पहले, फैसलाबाद में ईसाइयों को डराने के लिए उर्दू में एक संदेश लिखा गया था, जिसमें कहा गया था, "हम आ गए हैं।" दरअसल फैसलाबाद के रहमत टाउन इलाके में एक चर्च की बाहरी दीवार पर मोहम्मद अल्लाह के नाम के शब्द लिखे गए।
इस दौरान चर्च की दीवार पर यह भी लिखा गया कि हम आ गए हैं। चर्च के लोगों की मुसीबत यह है कि यदि वे अपने चर्च की दीवार पर लिखा मोहम्मद या अल्लाह के नाम को हटाते हैं तो उनके खिलाफ ईशनिंदा के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है।
बीते महीने 16 अगस्त को लाहौर से 130 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले के जरांवाला कस्बे में एक ईसाई व्यक्ति के खिलाफ ईशनिंदा के आरोपों को लेकर आक्रोशित भीड़ ने कई चर्चों और ईसाई इलाकों पर हमला किया था।
इस दौरान दंगाईयों ने कम से कम 24 चर्चों और कई दर्जन छोटे प्रार्थनाघरों के साथ-साथ कई घरों को आग लगा दी गई और स्थानीय ईसाई समुदाय के खिलाफ क्रूर भीड़ के नेतृत्व में हमलों की एक श्रृंखला में लूटपाट की गई। पंजाब पुलिस के अनुसार, भीड़ ने 20 चर्चों और 86 ईसाई घरों को जला दिया।
पुलिस के मुताबिक इस हमले में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कार्यकर्ताओं का हाथ था। इसमें शामिल 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।












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