इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तानी सेना-ISI की प्रेस कॉन्फ्रेंस, रात में डील, दिन में गद्दार कहें.. नहीं चलेगा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजी आईएसआई ने कहा कि, उन्हें सार्वजनिक रूप से आने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि देश में झूठ को आसानी से फैलाया जा रहा था और लोग झूठ पर विश्वास कर रहे थे।
Pakistan News: पाकिस्तान में इमरान खान के खिलाफ सेना खुलकर सामने आ गई है और केन्या में मारे गये पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ मामले को लेकर पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने इमरान खान को जमकर फटकार लगाई है। आईएसआई के डायरेक्टर जनरल ले. जनरल नदीम अंजुम ने इमरान खान को लताड़ लगाते हुए साफ तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'आप रात में जनरल बाजवा से मिलकर डील करने की कोशिश करें और दिन के वक्त उन्हें गद्दार करें, ये नहीं चलेगा।' ऐसा पहली बार है, जब पाकिस्तानी सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। वहीं, सेना के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में हाहाकार मच गया है।

पाकिस्तानी सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पाकिस्तानी सेना और आईएसआई प्रमुख की ये प्रेस कॉन्फ्रेंस हैरान करने वाला है और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना की तरफ से मीडिया विंग के प्रमुख डायरेक्टर जनरल बाबर इफ्तिखार शामिल हुए थे और उन्होंने केन्या में मारे गये पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या और "दुर्भाग्यपूर्ण घटना" बताया है। इमरान खान ने अरशद शरीफ की हत्या के पीछे इशारों में पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है और उन्होंने कहा है कि, पाकिस्तान में बैठे कुछ लोगों ने उनकी हत्या केन्या में करवाई है। इमरान खान के इन्हीं आरोपों के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मकसद वरिष्ठ पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या पर प्रकाश डालना था।

सीधे निशाने पर इमरान खान
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई प्रमुख इमरान खान पर सीधे तंज कसते हुए आईएसआई प्रमुख जनरल नदीम अंजुम ने कहा कि, "यह संभव नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री रात में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मिलें और फिर उन्हें फोन करें और दिन के उजाले में फिर उन्हें देशद्रोही कहने लगे।" उन्होंने कहा कि, "अगर कमांडर-इन-चीफ देशद्रोही है, तो आप उससे छिपकर क्यों मिले? उनसे मिलना आपका अधिकार है, लेकिन यह संभव नहीं हो सकता कि, आप रात में मिलें और दिन में उन्हें देशद्रोही कहें।" वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम ने कहा कि, पाकिस्तानी सेना को 'न्यूट्रल और जानवर' कहा गया है, क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने "अवैध" फैसलों का हिस्सा बनने से इनकार कर देशद्रोह किया था"। उन्होंने कहा कि, "अवैध काम" करने से इनकार करना किसी एक व्यक्ति या सेना प्रमुख का नहीं, बल्कि पूरी संस्था का फैसला था।

'सेना प्रमुख को दिया गया ऑफर'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएसआई प्रमुख ने कहा कि, मार्च से सेना काफी दबाव में है, लेकिन उन्होंने खुद को अपनी संवैधानिक भूमिका तक सीमित रखने का फैसला कर रखा है। उन्होंने कहा कि, जनरल बाजवा अपने कार्यकाल के आखिरी छह महीने शांति से बिता सकते थे, लेकिन उन्होंने देश और संस्था के पक्ष में फैसला लिया है। लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम ने कहा कि, "पूर्व सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव को फेल करने के लिए सेना प्रमुख को अनिश्चितकाल तक के लिए कार्यकाल में विस्तार देने का ऑफर दिया था, लेकिन सेना प्रमुख ने पूर्व प्रधानमंत्री के ऑफर को ठुकरा दिया था।" इसके साथ ही आईएसआई प्रमुख ने कहा कि, अगर कमांडर-इन-चीफ एक देशद्रोही हैं, तो "हाल के दिनों में उनकी अंतहीन प्रशंसा क्यों की गई"। डीजी आईएसआई ने इमरान खान से पूछा कि,''अगर आपकी नजर में सेना प्रमुख देशद्रोही हैं, तो आप उनके कार्यकाल को विस्तार क्यों देना चाहते थे, आप उनसे गुपचुप तरीके से क्यों मिलते हैं।''
'झूठ रोकने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजी आईएसआई ने कहा कि, उन्हें सार्वजनिक रूप से आने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि देश में झूठ को आसानी से फैलाया जा रहा था और लोग झूठ पर विश्वास कर रहे थे। इसीलिए उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करना पड़ा है।" वहीं, पत्रकार अरशद शरीफ को लेकर डीजी आईएसआई ने कहा कि, जब अरशद शरीफ पाकिस्तान में थे, तो वह संस्था के संपर्क में थे और विदेश यात्रा के दौरान भी वो संस्था से संपर्क बनाए रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि, अरशद शरीफ की मौत को लेकर वो केन्या सरकार के संपर्क में हैं। डीजी आईएसआई ने कहा कि, "हम संतुष्ट नहीं हैं इसलिए सरकार ने जांच दल का गठन किया है।" उन्होंने कहा कि उनकी एजेंसी के सदस्यों को जानबूझकर जांच समिति से हटाया गया है।












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