बलूचिस्तान विद्रोही गुट को बड़ा झटका, फाउंडर गुलजार इमाम को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ा, भारत से संबंध का दावा
पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान की शहबाज सरकार की तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ शांति वार्ता टूट गई थी, जिसके बाद से टीटीपी ने हमलों को तेज कर दिया है।

Pakistan News: पाकिस्तान में बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ने वाले संगठन बलूच नेशनल आर्मी (बीएनए) के संस्थापक गुलजार इमाम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो बलूचों के लिए बहुत बड़ा झटका है।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने गुलजार इमाम के गिरफ्तार होने की पुष्टि ती है और कहा है, प्रतिबंधित उग्रवादी समूह बलूच नेशनल आर्मी (बीएनए) के संस्थापक को पकड़ने के लिए खुफिया अभियान चलाया गया था।
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है, कि बलूच नेशनल आर्मी ने पूरे पाकिस्तान में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया है, जिसमें कई बम धमाके शामिल हैं। सेना ने कहा है, कि ये संगठन पाकिस्तान के खिलाफ काम कर रही है।
बलूच नेशनल आर्मी क्या है?
आपको बता दें, कि पाकिस्तान की तरफ से बलूचिस्तान पर काफी जुल्म किए गये हैं और बलूचिस्तान की प्राकृतिक संपत्तियों को लूटा गया है, जिसके खिलाफ बलूच रिपब्लिकन आर्मी और यूनाइटेड बलूच आर्मी को मिलाकर बीएनए का गठन किया गया था।
पाकिस्तानी सेना ने कहा है, कि उसने खुफिया ऑपरेशन चलाकर, कई महीनों की मेहनत और मशक्कत के बाद गुलजार इमाम को गिरफ्तार किया है। उसे पकड़ने के लिए काफी सावधानी के साथ ऑपरेशन चलाया गया था। हालांकि, बयान में उस सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया गया, जहां गुलजार इमाम को पकड़ा गया।
आपको बता दें, कि पाकिस्तानी सेना ने गुलजार इमाम को उस वक्त पकड़ा है, जब पाकिस्तान पिछले कई महीनों से आतंकी घटनाओं से परेशान रहा है। पिछले कुछ महीनों में, पाकिस्तान में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है, आतंकवादी समूह देश भर में लगभग बेखौफ हमलों को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि, आशंका जताई गई है, कि बीएनए के संस्थापक की गिरफ्तारी पाकिस्तान को काफी भारी पड़ेगी और ये समूह हिंसक बदला ले सकता है।
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है, कि गुलजार ने भारत और अफगानिस्तान की यात्रा की थी और उसके अलग देशों से संबंध की जांच की जा रही है।
आतंकी घटनाओं से तबाह है पाकिस्तान
पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान सरकार की तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ शांति वार्ता टूट गई थी, जिसके बाद से टीटीपी ने हमलों को तेज कर दिया है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में पुलिस को निशाना बनाया गया है। बलूचिस्तान में विद्रोहियों ने भी अपनी हिंसक गतिविधियों को तेज कर दिया है और माना जा रहा है, कि बीएनए और टीटीपी ने गठबंधन कर रखा है।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के मुताबिक, जनवरी 2023 में पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में 139 लोगों की मौत हुई है, जो जुलाई 2018 के बाद पाकिस्तान के लिए सबसे घातक महीना साबित हुआ है। जुलाई 2018 में 134 लोग आतंकी घटनाओं में मारे गये थे।
आईएसपीआर के बयान के मुताबिक, इमाम को "एक हाई प्रोफाइल और सफल खुफिया ऑपरेशन" में पकड़ा गया है।
पाकिस्तानी सेना ने कहा है, कि पकड़ा गया आतंकवादी एक कट्टर आतंकवादी था, साथ ही प्रतिबंधित बीएनए संगठन का संस्थापक और नेता था, जिसे बलूच रिपब्लिकन आर्मी (बीआरए) और यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) के विलय के बाद बनाया गया था।
सेना ने कहा है, कि बीएनए ने पंजगुर और नोशकी में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिष्ठानों को लक्षित करने सहित देश में कई हिंसक आतंकवादी हमले किए हैं।
गुलजार इमाम कौन है?
पाकिस्तानी सेना के बयान में कहा गया है, कि पकड़ा गया आतंकवादी बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) बनाने में महत्वपूर्ण था और इसके परिचालन प्रमुख के रूप में कार्य करता था। इसमें कहा गया है, उसने भारत और अफगानिस्तान की खुफिया यात्राएं की हैं और शत्रुतारपूर्ण खुफिया एजेंसियों के साथ उनके संबंधों की जांच की जा रही है।"
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इसने आगे कहा कि शत्रुतापूर्ण एजेंसियों ने पाकिस्तान की स्थिति और उसके राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम करने के लिए आतंकवादी का शोषण करने की भी कोशिश की।












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