Pakistan Vs Taliban: 200 तालिबानी मारे गए या 58 पाकिस्तानी सैनिक? अफगानिस्तान ने क्यों रोका ऑपरेशन?
Pak Afghan Tension: 9 अक्टूबर 2025 को पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी सैन्य तनाव और भीषण झड़पें हुई हैं। पाकिस्तान का दावा है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में 200 से अधिक तालिबान और संबद्ध आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि अफगानिस्तान ने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने और आतंकवादी समूहों को पनाह देने का आरोप लगाया है, जिससे दक्षिण एशिया में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, कतर और सऊदी अरब की मध्यस्थता के बाद अफगानिस्तान ने फिलहाल कार्रवाई रोक दी है।

तनाव की कैसे हुई शुरुआत
सीमा पर तनाव की शुरुआत 9 अक्टूबर को तब हुई जब अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हवाई हमले हुए। तालिबान ने इन हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि पाकिस्तान ने सीधे तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। पाकिस्तान का दावा था कि उसने TTP प्रमुख नूर वली मेहसूद को निशाना बनाया। अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचने के साथ ही यह घटनाक्रम क्षेत्रीय कूटनीतिक माहौल को गरमा गया। अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया और चेतावनी दी कि दोबारा सीमा उल्लंघन होने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।
तालिबान ने दिया जोरदार जवाब
अफगान सरकार की चेतावनी के बाद, शनिवार देर रात (11 अक्टूबर) अफगान तालिबान बलों ने डुरंड लाइन के पास पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर भीषण जवाबी हमला किया। ये झड़पें नंगरहर और कुनार प्रांतों सहित कई सीमावर्ती जिलों तक फैल गईं। बीबीसी और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, दोनों ओर से भारी तोपखाने (Heavy Artillery) और छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिसके चलते रात भर गोलीबारी जारी रही। तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया और 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, जबकि उनके केवल 9 सैनिक हताहत हुए।
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पाकिस्तान का 200 लड़ाकों को मारने का दावा
इस भीषण संघर्ष के बाद, पाकिस्तान की सेना ने रविवार (12 अक्टूबर) को आधिकारिक बयान जारी किया। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (आईएसपीआर) ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में उन्होंने 200 से अधिक तालिबान और संबद्ध आतंकवादियों को मार गिराया है। पाकिस्तान ने इन मारे गए लोगों को 'तालिबान और संबद्ध आतंकवादी' करार दिया। वहीं, पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि झड़पों में उनके 23 सैनिक मारे गए और 29 घायल हुए हैं। पाकिस्तानी सेना ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की ज़मीन 'पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद का संचालन केंद्र बन गई है।'
कतर और सऊदी की मध्यस्थता से 'फिलहाल कार्रवाई बंद'
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि अफगान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की 25 सैन्य चौकियां कब्जे में ले ली, वहीं पाकिस्तान ने 19 अफगान सैन्य चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया। भारत दौरे पर आए अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी ने रविवार को घोषणा की कि कतर और सऊदी अरब के मध्यस्थता प्रयासों के चलते अफगानिस्तान ने 4 घंटे की कार्रवाई के बाद ऑपरेशन रोक दिए हैं। मुत्तकी ने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन अगर पाकिस्तान इससे इनकार करता है, तो अफगानिस्तान के पास अपनी सुरक्षा के लिए अन्य विकल्प भी हैं। संघर्ष के बीच, पाकिस्तान ने भारत-अफगान संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के संदर्भों पर आपत्ति जताते हुए अफगान राजदूत को तलब किया।
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