अमेरिकी रिपोर्ट से पाकिस्तान के झूठ की खुली पोल, कहा- आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह

वाशिंगटन, 17 दिसम्बर। भारत में होने वाली आतंकी गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान का हाथ कोई छिपी बात नहीं है। भारत लगातार विश्व मंच पर पाकिस्तान का नापाक चेहरा उजागर करता रहा है कि कैसे पाकिस्तान के अंदर आतंकी लांचपैड काम कर रहे हैं और वहां पर आतंकियों को तैयार करके भेजता है। भारत की इस बात पर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बताया है जहां पर आतंकी समूह और उनके मुखिया खुलेआम घूम रहे हैं।

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    अमेरिका के विदेश विभाग ने आतंकवाद पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी समूह पाकिस्तान से संचालित हो रहे हैं और इस्लामाबाद इन समूहों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर का भी जिक्र किया है। मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने कुख्यात आतंकियों की लिस्ट में रखा है। इसके साथ ही मुंबई हमलों का प्रोजेक्ट मैनेजर कहे जाने वाले साजिद मीर का भी नाम है जो पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है।

    अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने गुरुवार को आतंकवाद पर साल 2020 की रिपोर्ट को जारी की जिसमें कहा गया है कि आतंकी समूह अभी भी पाकिस्तान से अपना संचालन जारी रखे हुए हैं।

    क्या है रिपोर्ट में?
    रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान को निशाना बनाने वाले अफगान तालिबान और उससे जुड़े हक्कानी नेटवर्क के साथ ही साथ भारत को लक्षित करने वाले आतंकी समूह जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, उससे जुड़े आतंकी संगठन और जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैं, पाकिस्तान की जमीन से संचालित हो रहे हैं।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने जैश ए मोहम्मद के संस्थापक और संयुक्त राष्ट्र से इनामी आतंकवादी मसूद अजहर और 2008 के मुंबई हमले के "प्रोजेक्ट मैनेजर" मीर जैसे अन्य ज्ञात आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। ये दोनों पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं।

    हालांकि रिपोर्ट में इस बात का जिक्र भी है कि फरवरी में और फिर नवम्बर में लाहौर की एक अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सई को आतंकवाद को वित्तीय मदद के मामले में दोषी ठहराया और उसे पांच साल और छह महीने की जेल की सजा सुनाई।

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