Pahalgam Terror: लंदन में गूंजा 'हनुमान चालीसा’, शर्म से मुंह छुपाकर भागे पाकिस्तानी
Pahalgam Terror: 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे भारत और भारत के बाहर रहने वाले भारतीयों के बीच भयंकर गुस्से को पैदा कर दिया है। इस आतंकी घटना के ने दुनियाभर में पाकिस्तान की एक बार फिर से किरकिरी कराई है। लंदन में भारतीय नागरिकों ने "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" जैसे नारे लगाकर पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों का मुकाबला किया, जिससे प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। अब इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जिनकी हर कोई तारीफ कर रहा है।
पाकिस्तानियों के गुट को खदेड़ा
27 अप्रैल को लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर पाकिस्तानियों का एक गुट विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुआ। उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद, ब्रिटिश भारतीयों ने गरिमा और ताकत के साथ जवाब दिया। वहीं पाकिस्तानियों ने प्रदर्शन किया जिसमें उन्होंने दावा किया गया था कि वे पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। हालांकि प्रदर्शन इतना तेज रहा है कि घटनास्थल पर करीब 40-50 पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

हनुमान चालीसा ने बनाई एकजुटता
वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, रविवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर सैकड़ों भारतीय समर्थक जमा हुए। वहीं, कुछ ब्रिटिश-पाकिस्तानी भी भारतीयों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। हालांकि, भारतीय समर्थकों की बड़ी भीड़ ने पूरे इलाके में जोरदार नारेबाजी, यही नहीं भारतीय समुदाय ने बड़ी संख्या में इकठ्ठा होकर श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। जिसके बाद पाकिस्तानियों ने एक-एक कर मौके से खिसकना शुरू कर दिया।
पाकिस्तानियों पर फेंकी पानी की बोतलें
भारतीयों ने उच्चायोग की इमारत पर एक विशाल तिरंगा झंडा फहराया और लाउडस्पीकरों पर "जय श्री राम", "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" जैसे देशभक्ति के गीत बजाए। कुछ लोगों ने पाकिस्तान पर पानी की बोतलें फेंककर उसका मज़ाक भी उड़ाया।
पाकिस्तानियों ने क्या किया?
पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाने की कोशिश की और "पाकिस्तान जिंदाबाद" के नारे लगाए। हालांकि, उनकी आवाज़ें बड़ी संख्या में मौजूद भारतीयों की आवाज के आगे दब गईं। पाकिस्तानी समूह के पास न तो तख्तियां थीं और न ही समर्थन। भारतीयों ने 'सर तन से जुदा' नामक एक इशारे का भी विरोध किया। उन्होंने तिरंगा और इजरायली झंडे दोनों लहराए। धीरज नाम के एक भारतीय ने सवाल किया कि ये लोग भारतीय उच्चायोग के बाहर विरोध क्यों कर रहे थे।
पाक को याद दिलाया आतंक का इतिहास
भारतीयों द्वारा थामे गए बैनरों पर "हाफ़िज़ सईद 26/11 का मास्टरमाइंड" जैसे संदेश लिखे थे और शुक्रवार को हुई गला काटने की हरकत का संदर्भ भी था। एक भारतीय समर्थक गौरव ने टिप्पणी की कि इन लोगों ने खुद को पीड़ित बताते हुए बेशर्मी से विरोध प्रदर्शन किया। एक अन्य समर्थक इंद्रनील ने जम्मू-कश्मीर की बढ़ती अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पाकिस्तान वहां समृद्धि का विरोध करता है। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने हमले के दौरान एक पिता को उसके बच्चों के सामने बेरहमी से मार डाला था। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान ग्लोबल लेवल पर बुरी तरह घिर गया है। न तो उससे इस हमले के बारे में कुछ कहते बन रहा है और न ही भारत की कार्रवाइयों का जवाब देते बन रहा है।
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