पांडा के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल पहुंचा कुवैत, ओवैसी बोले- PAK में ट्रेंड आतंकी भारत में आतंक फैला रहे
All-party Delegation: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बहरीन में अपना दौरा पूरा किया और अब कुवैत पहुंच चुका है। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में विदेश दौरे पर भेजे गए प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पाकिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख को दुनिया के सामने रखना और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन हासिल करना है।
बैजयंत पांडा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की कार्रवाइयों और आतंकवाद विरोधी प्रयासों के बारे में बहरीन में बातचीत की। बहरीन के प्रतिनिधि परिषद के प्रथम उपसभापति अब्दुल नबी सलमान और बहरीन के उप प्रधानमंत्री शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से मुलाकात की। इसके बाद अब ये सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कुवैत पहुंचा है और वहां पर पाकिस्तानी की करतूतों का चिट्ठा खाेलेगा।

इस दल में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे,भाजपा सांसद फंगनन कोन्याक, भाजपा सांसद रेखा शर्मा, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और पूर्व राजनयिक हर्ष श्रृंगला शामिल हैं।
ओवैसी बोले- पाकिस्तान भारत में हिंदू-मुस्लिम नफरत को बढ़ावा दे रहा
बहरीन में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "पाकिस्तान में कोई पीड़ित नहीं है हमलावर है, उसने पहलगाम हमला करवाकर बेहूदगी की है। पाक भारत में हिंदू-मुस्लिम नफरत को बढ़ावा देना चाहता है। पहलगाम में हुआ आतंकी हमला उसी का सबसे बड़ा उदाहरण है। इससे पहले मुंबई ब्लॉस्ट के अलावा पुलगामा, पठानकोट समेत जो अन्य भारत में हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकवाद था। पाकिस्तान में ट्रेंड किए गए आतंकी भारत में आतंक फैला रहे हैं। "
ऑपरेशन सिंदूर से घबराया पाकिस्तान
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के 9 आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया गया। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा उठाए गए इस साहसिक कदम के बाद पाकिस्तानी आक्रमण के खिलाफ प्रभावी जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें पाकिस्तानी एयरबेस पर हमले भी शामिल थे। भारतीय सेना के जवाबी हमलों से घबरा कर आखिरकार पाकिस्तानी ने घुटने टेक दिए। जिसके बाद दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच समझौता हुआ और सीजफायर का ऐलान किया गया।












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