गे पुरुषों के ब्लड डोनेशन पर बैन ने ओरलैंडो हादसे की मायूसी को बढ़ाया
फ्लोरिडा। रविवार को फ्लोरिडा के ओरलैंडो में हुए आतंकी हमले ने हर किसी को दहलाकर रख दिया। इस हमले में 50 लोगों की मौत हुई तो कई लोग घायल भी हुए। घायलों को खून देने के लिए कई लोग आगे आए जिनमें कई गे पुरुष भी थे। लेकिन भेदभाव की तस्वीर उस समय सामने आई जब इन गे पुरुषों को पीड़ितों को खून देने से मनाकर दिया गया।

किया गया था बैन को हटाने का वादा
अमेरिकी एजेंसी फूड एंड ड्रगड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के नियमों के मुताबिक अगर कोई पुरुष अपने साथ पुरुष के साथ एक वर्ष तक सेक्स नहीं करता है, तो ही वह ब्लड डोनेशन के लिए योग्य होता है।
वादा नहीं हुआ पूरा
वर्ष 2015 के आखिरी में इन नियमों को लाया गया था। कहा गया कि गे पुरुषों के ब्लड डोनेशन परद लगे बैन को हटाया जाएगा। लेकिन इसके बाद भी वर्तमान समय में अपने साथी से अलग रहने के बावजूद अमेरिका में गे पुरुषों को ब्लड डोनेशन की मंजूरी नहीं है।
वर्ष 1983 में लगाया गया था बैन
वर्ष 1983 में गे पुरुषों के खून देने से जुड़े कुछ नियम लाए गए थे जिनका मकसद एचआईवी/एड्स को फैलने से रोकना था। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने वर्ष 2013 में इस बैन को खत्म करने की अपील की।
कई देशों में बैन खत्म, अमेरिका में जारी
इसे भेदभाव पूर्ण करार दिया गया और कहा गया कि इस बैन का कोई वैज्ञानिक आधार भी नहीं है। अमेरिका से अलग कुछ देशों जैसे अर्जेंटिना में बैन को गलत बताते हुए इसे खत्म कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी
रविवार को हालांकि सोशल मीडिया पर खबर फैली कि ओरलैंडो में हादसे के बाद खून की कमी हो देखते हुए इस बैन को हटा लिया गया है। लेकिन यह खबर गलत निकली और इसके साथ ही कई लोग मायूस हो गए।












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