Operation Sindoor: अब पाकिस्तान की खैर नहीं! आतंक पर भारत को मिला कतर का साथ, जानिए क्या कहा?
Operation Sindoor: आतंकवाद के खिलाफ भारत के 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) संदेश को विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए बनाई गई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (All-party delegation) लगातार मिशन में जुटी हुई है। आतंकवाद को लेकर भारत के पक्ष को मजबूती के साथ रख रही है। इसी बीच कतर ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अटल है।

विदेश मामलों के राज्यमंत्री ने की मुलाकात
सांसद सुप्रिया सुले ने नेतृत्व में कतर की राजधानी दोहा के दौरे पर गई प्रतिनिधिमंडल ने क़तर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुल अज़ीज़ बिन सालेह अल खुलैफ़ी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस की राष्ट्रीय सहमति से संबंधित भारत का दृष्टिकोण साझा किया।
ये भी पढ़ें 'Operation Sindoor जारी है, आतंकियों को घर में घुसकर मारेंगे', विदेश मंत्री जयशंकर ने दी चेतावनी
आतंक पर भारत को कतर का साथ
वहीं बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा, क़तर सरकार भारत और क़तर के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अटल है। इस यात्रा के दौरान, जितनी भी बैठकें हुईं, हर एक में क़तर सरकार ने यह दोहराया कि वे पूरी तरह से भारत के साथ एकजुट हैं। किसी भी जगह अगर आतंकवादी हमला होता है, तो भारत और क़तर मिलकर उसका विरोध करेंगे और निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किसी भी प्रकार के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह यात्रा अत्यंत सफल रही है और क़तर सरकार ने हमें बेहद सम्मान और गर्मजोशी से स्वागत किया है। हर बातचीत में उन्होंने भारत-क़तर के बीच के रिश्ते, दोस्ती और आपसी विश्वास को न केवल बीते वर्षों के संदर्भ में, बल्कि आने वाले दशकों के लिए भी मजबूती से दोहराया है।
कतर के प्रमुख पत्रकारों से की बातचीत
वहीं इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने कतर के प्रमुख समाचार पत्रों अल शरक और पेनिनसुला की संपादकीय टीम के साथ बातचीत की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद की स्थिति और सीमा पार आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
यें भी पढ़ें Qatar Amir Sheikh: भारत के लिए इतनी खास क्यों है कतर के साथ दोस्ती? जानिए ये तीन बड़ी वजह












Click it and Unblock the Notifications