Pahalgam Attack: 'काश हम पहलगाम न जाते', एक साल बाद भी नहीं सूखे आंसू, आंखों के सामने खोया पति

Pahalgam Attack: 22 अप्रैल 2026 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दर्द एक साल बाद भी उतने ही ताजा हैं जितने उस दिन थे। वहां अपनों को खोने वाले लोग आज भी खुद से एक ही सवाल पूछते हैं कि 'वे कश्मीर गए ही क्यों?' दूसरी तरफ उनके मन में आज भी उतना ही गुस्सा पाकिस्तान के लिए भरा हुआ जितना की उस दिन था। जान गंवाने वाले 26 लोगों में एक कानपुर के शुभम द्विवेदी भी थे जिनकी पत्नी एशान्या द्विवेदी ने अपना दर्द साझा किया। शादी के 6-7 दिन के बाद ये कपल हनीमून के लिए कश्मीर गया था और इन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वे वहां से अकेले लौटेंगी।

एशान्या ने बताया कि-

"मैं खुद से कई सवाल पूछती हूं- आखिर मैं वहां क्यों गई, मुझे वहां नहीं जाना चाहिए था, काश मैंने शुभम् को वहां जाने से मना किया होता, काश हम पहलगाम न जाते। इतने सारे 'अगर' और 'क्यों' मेरे मन में आते हैं। यह घटना अपने आप में दर्दनाक है, लेकिन यह मेरे लिए जीवन भर का आघात भी है।"
Pahalgam Attack

'ये हिन्दुओं का नरसंहार था'

उनकी बातों में दर्द, पछतावा और एक ऐसी खालीपन की झलक मिलती है जो शायद कभी भर नहीं पाएगी। उन्होंने इसे "हिंदू नरसंहार" बताया, जिसमें 26 लोग मारे गए और पतियों को पत्नियों के सामने मार दिया गया। उन्होंने कहा कि यह "हमारे धर्म पर पहला और अंतिम हमला" होना चाहिए।

'हमें उन 26 लोगों को नहीं भूलना चाहिए'

ऐशन्या ने 26 पीड़ितों के लिए 'श्रद्धांजलि सभा' आयोजित करने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमें न तो शुभम् को भूलना चाहिए, न ही अन्य 25 लोगों को या हिंदू नरसंहार को। यह इस देश में फिर कभी नहीं होना चाहिए। हमें एकजुट होकर पाकिस्तान को दिखाना चाहिए कि हम अपनी आखिरी सांस तक एकजुट रहेंगे।" उनके इस बयान में सिर्फ दुख नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश और एकता की अपील भी साफ दिखती है।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

आतंकवाद के खिलाफ देश की कार्रवाई पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "हमारे देश द्वारा हमले के बाद उठाए गए कदम, चाहे वह 'ऑपरेशन सिंदूर' हो या 'ऑपरेशन महादेव', आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने तक ऐसे कदम उठाते रहना बहुत जरूरी है।" उन्होंने साफ किया कि देश को लगातार सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।

पाकिस्तान के खिलाफ अभी भी भरा गुस्सा

अपने पति को खोने के बाद ऐशन्या द्विवेदी ने पाकिस्तान के खिलाफ गहरा व्यक्तिगत गुस्सा जताया। उन्होंने भावुक होकर कहा, "पाकिस्तान ने मेरे जीवन को खत्म कर दिया है।" यह दर्द सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उन सभी 26 परिवारों और हर उस परिवार का है, जिसने आतंकवाद में अपनों को खोया है।

पाक के साथ न कोई बातचीत न कोई संबंध

ऐशन्या ने पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत या खेल संबंध नहीं रखने की वकालत की। उन्होंने माना कि जियो-पॉलिटिक्स बहुत मुश्किल होती है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि "प्रधानमंत्री द्वारा देश के हित में उठाए गए कदम जायज हो सकते हैं, भले ही व्यक्तिगत भावनाएं अलग हों। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा जताया। भारत या दुनिया में कहीं भी होने वाली हमले की जड़े सीधी पाकिस्तान तक पहुंचती हैं। पाकिस्तान वह देश है जो आतंकवादियों को पालता है और उसका समर्थन करता है।"

भारत अब चुप रहने वाला देश नहीं

पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा, "भारत अब वह देश नहीं है जो चुप रहता है और घटनाओं को बर्दाश्त करता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का डिफेंस सिस्टम मजबूत है और भारत आतंकवाद का सामना करना जानता है।

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