UN महासभा में अपने आखिरी भाषण में बोले ओबामा- अमेरिका है सुपरपावर, की भारत और चीन की तारीफ
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने आखिरी भाषण में अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिका को सुपरपावर बताते हुए कहा कि वह पूरी दुनिया के हित में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने न सिर्फ बेहतर ट्रेड के लिए TPP जैसे समझौतों पर अपनी राय स्पष्ट की है बल्कि इस्लामिक स्टेट (ISIS) जैसे आतंक संगठनों के खिलाफ भी मजबूती से एक्शन लिया है।

ओबामा ने कट्टरपंथ के खिलाफ सक्त कदम उटाने की मांग की। उन्होंने कहा, 'हमें कट्टरपंथ को अस्वीकार करना होगा। मानवता के लिए हमें इसे खत्म करना होगा। निर्दोष लोगों को बचाने के लिए दुनिया को इससे दूर रहने की जरूरत है
'हमेशा दूसरों के हित में काम किया'
ओबामा ने कहा कि अमेरिका की ताकत अच्छाई के लिए है। उन्होंने कहा, अमेरिका ने हमेशा बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर दूसरों के हित में काम करने की सोची है।
भारत और चीन की तारीफ
अपने भाषण में ओबामा ने भारत और चीन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने ऐतिहासिक ग्रोथ की है और दोनों इस रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। ओबामा ने यह भी कहा कि साउथ चाइना सी का शांतिपूर्ण समाधान सभी के लिए अच्छा होगा।
'धर्म की शिक्षा भी जरूरी लेकिन...'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शरणार्थियों के लिए बहुत से देश काफी अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन बहुत से देश हैं जो और अच्छा काम कर सकते हैं। हमें मिलकर मानवाधिकारों के लिए लड़ना है और निर्दोष लोगों को बचाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को साइंस और मैथ के साथ धर्म की शिक्षा दी जा सकती है लेकिन असहिष्णुता की नहीं।
'रुढ़िवाद छोड़कर आगे बढ़ना होगा'
ओबामा ने कहा कि वह उदारवादी राजनीति में भरोसा करते हैं जो चुनावों के जरिए हो सकती है और सरकार के प्रतिनिधि भी इसके लिए जिम्मेदारा होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें रुढ़िवाद को छोड़कर मानवता और सहिष्णुता के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।












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