नूपुर शर्मा को पाकिस्तानी मौलाना का मिला साथ, कहा- पहली गलती उस मुस्लिम की, अमेरिका को भी लपेटा
इस्लामाबाद, 16 जूनः भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर दिए बयान पर भारत सहित कई मुस्लिम देशों में बवाल मचा हुआ है। इस पूरे मामले में भारत पर निशाना साधा जा रहा है वहीं, नूपुर शर्मा को ही दोषी ठहराया जा रहा है। इस बीच पाकिस्तान के एक चर्चित मौलाना इंजीनियर मोहम्मद अली ने खुलकर नूपुर शर्मा का साथ दिया है।

मुस्लिम पैनलिस्ट ने भड़काया
मौलाना अली ने कहा कि अगर मुस्लिम पैनलिस्ट तस्लीम अहमद रहमानी ने हिन्दू धर्म पर पहले टिप्पणी न की होती तो नूपुर शर्मा ने पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ ऐसा बयान नहीं दिया होता। मौलाना ने तस्लीम अहमद रहमानी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर उन्होंने ही नूपुर शर्मा को भड़काया था, तभी जवाब में बीजेपी की निलंबित नेता ने पैगंबर के बारे में टिप्पणी की।

नूपुर शर्मा ने किया पलटवार
पाकिस्तानी मौलाना इंजीनियर मोहम्मद अली ने कहा कि पहला मुजरिम वह मुसलमान है जिसने किसी के धर्म के बारे में लाइव टीवी में बात की है। उन्होंने आगे कहा कि हमें इस पूरे विवाद में पूरे माहौल को देखना होगा। उस टीवी प्रोग्राम को देखना होगा। उस टीवी प्रोग्राम अनर्गल बातचीत की शुरुआत मुसलमान की जानिब से हुई है। नूपुर शर्मा के बयान के अंदाज से यह पता चल जाएगा कि वह पलटवार कर रही है।

मुस्लिम पैनलिस्ट ने उकसाया
नूपुर शर्मा ने साफ कहा कि अगर आप हमारे बारे में इस तरह की बातें करेंगे तो हम आपके पैंगबर के बारे में ये कहेंगे। उन्होंने कहा कि पहला मुजरिम वह मुसलमान है जिसने किसी के धर्म के बारे में लाइव टीवी प्रोग्राम में बात की। मौलाना इंजीनियर मोहम्मद अली ने कहा कि यह कुरान के मुताबिक नहीं है कि आप किसी के धर्म के बारे में मजाक उड़ाएं जबकि वह आपका कोई विरोधी धर्म हो।

भाषा की मर्यादा बनी रहे
पाकिस्तानी मौलाना ने कहा कि दूसरे धर्म के लोगों के साथ बहस करते समय हमें भाषा का ध्यान रखना चाहिए और अल्लाह ने हमें इसका संदेश दिया है। मौलाना अली ने कहा कि नूपुर विवाद में अरब देशों के लोग एसी में बैठकर माहौल को भड़का रहे हैं जबकि भारत में लोग भीषण गर्मी में प्रदर्शन कर रहे हैं और पुलिस वाले उन्हें जवाब दे रहे हैं।

बताया अंतरराष्ट्रीय साजिश
पाकिस्तानी मौलाना ने कहा कि भारत का मसला है ही नहीं। यह तो सीधे-सीधे एक अंतरराष्ट्रीय राजनीति है। इमरान खान कहते थे कि भारत अमेरिका से भी ले रहा है और रूस से भी ले रहा है। अब भारत और इमरान खान को पता चल गया होगा कि अमेरिका जिसे चाहे उसे झुका सकता है।

अमेरिका के इशारे पर हो रहा सब
मौलाना इंजीनियर मोहम्मद अली ने कहा कि अरब देश उनके गुलाम हैं जिनकी रूस से नहीं बनती है। इन देशों ने अरब देशों को भारत के खिलाफ उकसाया। इससे पहले भी कई बड़े-बड़े मामले आए हैं जिन पर अरब देशों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। अब रूस को लेकर भारत पर दबाव बनाने के लिए अरब देशों को उकसाया गया है।












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