फ्रांस ने की जैश चीफ मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने की मांग

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पेरिस। फ्रांस ने जैश-ए-मोहम्‍मद कमांडर मौलाना मसूद अजहर को अतंराष्‍ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की मांग की है। फ्रांस संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के स्‍थायी सदस्‍यों में से एक है और उसने यह अपील करके अप्रत्‍यक्ष तौर पर भारत का साथ दिया है। फ्रांस का बयान चीन की ओर से अजहर को ब्‍लैकलिस्‍ट करने वाली भारत की अपील खारिज करने के कुछ दिनों बाद ही आया है।

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फ्रांस के विदेश मंत्री का बयान

फ्रेंच विदेश मंत्री जीन मार्क अयरॉल्‍ट पिछले दिनों भारत की चार दिवसीय यात्रा पर थे। यहां पर ही उन्‍होंने यह बात कही थी। उन्‍होंने यह बयान देकर चीन को भी एक कड़ा संदेश भेजा है। अयरॉल्‍ट ने चीन का नाम नहीं लिया लेकिन कहा, 'अतंराष्‍ट्रीय समुदाय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट है और यह संकल्‍प हर जगह और हर देश के लिए एक जैसा होना चाहिए।' उन्‍होंने इस बात की ओर भी ध्‍यान दिलाया कि अजहर का आतंकी संगठन जैश पहले ही आतंकवादी संगठनों लिस्‍ट में है। ऐसे में उसे आतंकवादी घोषित करने के भारत के अनुरोध के पीछे कई सारे तर्क हैं और सभी वैध हैं।

भारत की अपील का समर्थन

उन्‍होंने कहा कि फ्रांस ने न सिर्फ भारत की अपील का यूएनएससी में समर्थन किया बल्कि भारत की अपील को सह-प्रयोजित भी किया। भारत ने फरवाी 2016 में 15 सदस्‍यों वाली यूएनएससी की 1267 प्रतिबंधित कमेटी में अजहर को आतंकवादी घोषित करने वाला एक प्रस्‍ताव पेश किया था। अजहर पिछले वर्ष जनवरी में हुए पठानकोट आतंकी हमले का मास्‍टरमाइंड है और भारत उसे अतंराष्‍ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की मांग कर रहा है। उस समय ही चीन, भारत के इस प्रस्‍ताव में 'टेक्निकल होल्‍ड' के साथ अड़गा डाल रहा है।30 दिसंबर को चीन ने भारत के प्रस्‍ताव के ब्‍लाक कर दिया। इसके साथ ही चीन पहला ऐसा देश बन गया जिसने यह कदम उठाया। अयरॉल्‍ट ने कहा कि फ्रांस को इस बात का काफी अफसोस है कि कई प्रयासों के बाद भी भारत के प्रस्‍ताव को सफलता नहीं मिल सकी। 

कौन है मसूद अजहर

उन्‍होंने कहा कि फ्रांस अब इस मुद्दे पर भारत के साथ चर्चा करेगा कि आगे क्‍या किया जा सकता है। उन्‍होंने बताया भारत जानता है कि वह फ्रांस के समर्थन पर भरोसा कर सकता है।मसूद अजहर पाकिस्‍तान के बहावलपुर का रहने वाला है। वह उन तीन आतंकवादियों में से एक हैं जिन्‍हें वर्ष 1999 में एयर इंडिया की हाइजैक्‍ड फ्लाइट आईसी-814 को छुड़ाने के एवज में रिहा किया गया था। उस समय अजहर हरकत-उल-मुजाहिदीन का सदस्‍य। रिहाई के बाद उसने अपना नया संगठन बनाया और इसे जैश-ए-मोहम्‍मद नाम दिया। आज यह आतंकी संगठन भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल है। इनमें से दिसंबर 2001 में संसद पर हुआ हमला भी शामिल है।

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English summary
Now France wants Jaish Chief Masood Azhar to be declared as a international terrorist and France is a permanent member of United Nations security Council.
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