Novavax ने WHO में सबमिट किए जरूरी मॉड्यूल, अब मंजूरी का इंतजार
नई दिल्ली, 05 नवंबर: दुनिया भर में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन का काम जारी है। अलग-अलग देशों की कई वैक्सीन डेवलपर्स ने वैक्सीन बनाई है। ऐसे में सीरम की पार्टनर नोवावैक्स इंक (Novavax Inc) ने अपनी कोरोना वैक्सीन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में आपातकालीन उपयोग सूची के लिए दायर किया है। कंपनी ने गुरुवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी कोरोना वैक्सीन को आपाताकलीन इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध कराने के प्रोसेस को पूरा कर लिया है। अब कंपनी को WHO से मंजूरी का इंतजार है।

मॉड्यूल हेल्थ एजेंसी को किए सबमिट
दरअसल, इंडोनेशिया नोवावैक्स टीके को हरी झंडी देने वाला पहला देश बना है। यह वैक्सीन दो खुराक वाली है। ऐसे में इंडोनेशिया से मिली आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के बाद कंपनी ने प्रोटीन-आधारित वैक्सीन NVX-CoV2373 के लिए आवश्यक सभी मॉड्यूल हेल्थ एजेंसी को सबमिट कर दिए हैं।
वैक्सीन 93 फीसदी प्रभावकारी
प्रोटीन आधारित वैक्सीन NVX-CoV2373 में मौजूदा इस्तेमाल में लाए जा रहे वैक्सीन से अलग प्रौद्योगिकी अपनाई है। इसके लिए अत्यधिक कम टेंपरेचर की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे दुनिया के गरीब देशों में इसकी सप्लाई को प्रोत्साहन मिलेगा। यह वैक्सीन शरीर को अपनी खुद की स्पाइक प्रोटीन बनाने के लिए आनुवंशिक निर्देश देती हैं। अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी नोवावैक्स को कोरोना वायरस के वैरिएंट के खिलाफ 93 फीसदी प्रभावकारी बताया है। इसका खुलासा अमेरिका और मेक्सिको में किए गए बड़े और लास्ट फेज की स्टडी में हुआ है।
भारत सहित कई देशों में किया आवेदन
बता दें कि अमेरिकी बायोटेक फर्म ने इससे पहले बताया था कि वैक्सीन का शॉट रोगसूचक कोविड को रोकने में 90 फीसदी असरदार है। वहीं मध्यम और गंभीर लक्षणों को रोकने में 100 फीसदी प्रभावी है। साथ ही कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट पर वैक्सीन का शॉट 93 प्रतिशत प्रभावकारी साबित करने का भी दावा किया गया है। वहीं नोवावैक्स ने इसके बारे में भी बताया कि कंपनी ने ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देशों, कनाडा, आस्ट्रेलिया, भारत, फिलीपीन सहित कई देशों में अपनी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए अप्लाई किया हुआ है।












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