किम जोंग उन की वजह से नॉर्थ कोरिया भूखमरी की चपेट में, लोग 'नकली मीट' खाने को मजबूर
प्योंगयांग। नॉर्थ कोरिया इन दिनों भयंकर भूखमरी की चपेट से जूझ रहा है। यूएन ने जब से आर्थिक प्रतिबंध लगाकर नॉर्थ कोरिया को अलग थलग करन की कोशिश की है, तब से यहां गरीब बढ़ गई है। नॉर्थ कोरियाई सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के तानाशाही रवैये की वजह से वहां के लोगों को नकली मीट खाने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है। इन दिनों नॉर्थ कोरिया के लोगों को चावल के साथ मानव निर्मित मीट खाना पड़ा रहा है।

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगने के बाद फूड डिस्ट्रब्यूशन पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। यही कारण है कि नॉर्थ कोरिया में परेशान होकर भागकर आए लोगों ने गरीबी और भूख से मर रहे लोगों का जिक्र किया है। उनका कहना है कि नॉर्थ कोरिया में इन दिनों चावल के साथ इनजोगोगी मीट खाना पड़ा रहा है, जिसे पूरी तरह से मानव निर्मित है।
दरअसल, इस प्रकार के मीट को सोयाबिन तेलों के अवशेषों को दबाकर और रोल बनाकर बनाया जाता है। इनजोगोगी मीट नॉर्थ कोरिया के कई स्टॉल पर मिल रहा है, जिसमें बड़ी मात्रा में प्रोटिन और फाइबर होता है। इस प्रकार का भोजन मांसपेशियों को तंदरुस्त रखने के साथ ही भूख भी जल्दी मिटाता है।
नॉर्थ कोरिया अपनी जनता को पब्लिक डिस्ट्रब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत 70 प्रतिशत आबादी को राशन की गारंटी देती है, लेकिन इसके तहत सिर्फ 23.5 प्रतिशत लोग ही इसका लाभ उठा पा रहे हैं। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ कोरिया की 60 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को निजी बाजारों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया में ज्यादातर लोग एक ही तरह का भोजन करते हैं। जिसमें चावल/मक्का, किमची और बीन पेस्ट होता है। इस प्रकार के भोजन में वसा और प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है। नॉर्थ कोरिया में जो धनी लोग है, वे बहुत मीट खाते हैं। वे लोग ज्यादातर पोर्क को तवज्जों देते हैं।












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