उत्तर कोरिया ने कोरियाई द्वीप में दागी बैलिस्टिक मिसाइल, न्यूक्लियर टेस्ट से पहले किम जोंग की सनक को समझिए
उत्तर कोरिया ने 2022 में रिकॉर्ड संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण किए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है, कि न्यूक्लियर मिसाइल टेस्ट तक उत्तर कोरिया अपनी दूसरी मिसाइलों का प्रक्षेपण करता रहेगा।

North Korea Fires ballistic missile: उत्तर कोरिया ने एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है, तो कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच समुद्र में गिरा है।
बैलिस्टिक मिसाइल गिरने को लेकर जापान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। वहीं, रिपोर्ट है, कि बैलिस्टिक मिसाइल गिरने के बाद जापान ने उत्तरी द्वीप होक्काइडो के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।
उत्तरी द्वीप होक्काइडो के लोगों के लिए अलर्ट जारी करते हुए जापान ने उत्तर कोरिया को मिसाइल टेस्ट के लिए फटकार भी लगाई है। वहीं, माना जा रहा है, कि बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट के बाद का तनाव और बढ़ सकता है।
वहीं, दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा, कि उत्तर कोरियाई मिसाइल को गुरुवार को राजधानी प्योंगयांग के पास एक स्थान से सुबह 7:23 बजे (बुधवार को 22:23 जीएमटी) एक ऊंचे कोण पर लॉन्च किया गया था।
उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल
बताया जा रहा है, कि ये मिसाइल मध्यम श्रेणी या उससे लंबी हो सकती है। वहीं, समुद्र में गिरने से पहले इस मिसाइल ने कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच पानी की दिशा में लगभग 1,000 किमी तक उड़ान भरी।
वहीं, उत्तर कोरिया ने इस मिसाइल लॉन्च को 'उकसाने' वाली कार्रवाई करार दिया है।
जापान ने भी कहा है, कि मिसाइल पानी में गिरी है। हालांकि, उसने तुरंत लैंडिंग के लिए ज्यादा सटीक जगह के बारे में नहीं बताया है।
जेसीएस ने संवाददाताओं को भेजे गए एक प्रेस रिलीज में कहा, कि "दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के खुफिया अधिकारी बैलिस्टिक मिसाइल गिरने का विश्लेषण कर रहे हैं।"
वहीं, जापान के एक अधिकारी ने कहा है, कि मिसाइल लॉन्च होने के बाद जापान की तरफ से होक्काइडो द्वीप पर रहने वाले लोगों के लिए पहले अलर्ट जारी किया था और सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर छिपने का आदेश जारी किया था।
हालांकि, बाद में इस अलर्ट को हटा लिया गया और उत्तर कोरिया के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।
जापान ने पिछले साल अक्टूबर में भी इसी तरह का निकासी अलर्ट जारी किया था, जब उत्तर कोरियाई मिसाइल जापान के ऊपर से गुजरी थी और प्रशांत महासागर में गिर गई थी।
गुरुवार के उत्तर कोरियाई मिसाइल लॉन्च के बाद, सियोल ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें उत्तर कोरियाई परीक्षण की भी निंदा की गई।
'नहीं दे रहा फोन का जवाब'
उत्तर कोरिया ने 2022 में रिकॉर्ड संख्या में हथियारों का परीक्षण किया था और इस साल भी उत्तर कोरिया मिसाइल लॉन्च की रफ्तार को बनाए रखेगा।
उत्तर कोरिया का कहना है, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच किए जाने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास के खिलाफ वो अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। उत्तर कोरिया का कहना है, कि वो आक्रमण के लिए पूर्वाभ्यास कर रहा है।
जबकि, वाशिंगटन और सियोल का कहना है, कि उनके अभ्यास प्रकृति में रक्षात्मक हैं और उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु और मिसाइल खतरों की प्रतिक्रिया के रूप में आयोजित किए गए हैं।
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है, कि उत्तर कोरिया सीमा पार दोनों देशों के बीच बनाए गये एक हॉटलाइन कॉल का उत्तर कोरियाई अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।
ये हॉटलाइन दोनों देशों के बीच अचानक से शुरू होने वाले किसी संघर्ष को रोकने के लिए डिजाइन किए गये हैं, लेकिन उत्तर कोरिया इस हॉटलाइन कॉल का कोई जवाब नहीं दे रहा है।
क्या युद्ध की तरफ बढ़ रहा कोरियाई प्रायद्वीप?
सियोल में इवा विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर लीफ-एरिक इस्ले ने कहा, कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थिति तेजी से अप्रत्याशित होती जा रही है।
अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईस्ले ने एक ईमेल में कहा, कि "प्योंगयांग लगातार दक्षिण कोरिया और अमेरिका को संयुक्त सैन्य अभ्यास करने के लिए मजबूर करता है। किम जोंग उन ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि अभी तक उन्होंने अपनी परमाणु क्षमता का प्रदर्शन पूरा नहीं किया है।"
उन्होंने कहा, कि "उत्तर कोरिया के अधिकारी हॉटलाइन फोन का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं, और कूटनीति भी कमजोर पड़ रही है, लिहाजा इस क्षेत्र में खतरे की क्षमता बढ़ गई है।"
वहीं, बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी केसीएनए ने बुधवार को नेता किम जोंग उन के हवाले से अपने देश की सेना को "अधिक व्यावहारिक और आक्रामक तरीके" से मजबूत करने का आह्वान किया है।
केसीएनए के मुताबिक, प्योंगयांग की केंद्रीय सैन्य आयोग की बैठक सोमवार को "अमेरिकी साम्राज्यवादियों और दक्षिण कोरियाई कठपुतली गद्दारों की आक्रामक युद्ध छेड़ने की बढ़ती चालों" की प्रतिक्रिया में आयोजित की गई थी।
समाचार एजेंसी ने बताया, कि सैन्य नेताओं ने वहां "विभिन्न सैन्य कार्रवाई प्रस्तावों को तैयार करने के लिए मशीनरी के लिए व्यावहारिक मामलों और उपायों" पर चर्चा की, जिसका "दुश्मन" जवाब नहीं दे सका।
Recommended Video

माना जा रहा है, कि उत्तर कोरिया की मिसाइल टेस्टिंग की जिद, भविष्य में विनाशक युद्ध की तरफ बढ़ सकती है।












Click it and Unblock the Notifications