जापान-दक्षिण कोरिया समिट से पहले बौखलाए किम जोंग उन, उत्तर कोरिया ने दागी ICBM मिसाइल
उत्तर कोरिया खुद को परमाणु मुल्क के तौर पर मान्यता चाहता है, जबकि अमेरिका उसे परमाणु संपन्न देश के तौर पर मान्यता देने के लिए तैयार नहीं है।

North korea missile test amid Japan South Korea Summit: कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर से काफी तनाव बढ़ गया है और दक्षिण कोरिया-जापान के बीच होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले किम जोंग उन के आदेश पर, उत्तर कोरिया ने ICBM मिसाइल का प्रक्षेपण किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने गुरुवार को कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच समुद्र में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) दागी है। उत्तर कोरिया ने उस वक्त मिलाइल दागी है, जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति परमाणु हथियार संपन्न देश उत्तर कोरिया का मुकाबला करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए टोक्यो का दौरा कर रहे हैं। जापान और दक्षिण कोरिया के बीच शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल, आज ही जापान पहुंचे हैं।

शिखर सम्मेलन से बौखलाया उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया इस हफ्ते काफी बौखलाया हुआ है, क्योंकि सिर्फ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का जापान दौरा ही नहीं हो रहा है, बल्कि इसी हफ्ते दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच 2018 के बाद का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास भी हो रहा है। लिहाजा, इस हफ्ते उत्तर कोरिया आगबबूला है और एक के बाद एक, कई मिसाइलें दाग रहा है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया-अमेरिका सैन्य अभ्यास को शत्रुतापूर्ण अभ्यास करार दिया है। पिछले 5 दिनों में उत्तर कोरिया ने तीसरी बार मिसाइल प्रक्षेपण किया है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा है, कि प्योंगयांग से सुबह 7.10 बजे (स्थानीय समय) दागी गई मिसाइल ने ऊंचे रास्ते से करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय की है। वहीं, जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि ICBM-टाइप मिसाइल ने 6 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 70 मिनट तक, एक हजार किलोमीटर की दूरी तक उड़ान भरी है। जापानी रक्ष मंत्रालय ने कहा है, कि उत्तर कोरिया का मिसाइल संभवत: उत्तरी जापान के होक्काइडो में ओशिमा-ओशिमा द्वीप के 200 किमी पश्चिम में जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरा है।

कोरियाई प्रायद्वीप में चरम पर है तनाव
वहीं, जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाजू मात्सुनो ने कहा है, कि जापान ने मिसाइल से नुकसान की किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं की है, उन्होंने बीजिंग में उत्तर कोरिया के दूतावास में जापान की तरफ से विरोध भी दर्ज कराया है। मात्सुनो ने कहा, कि "उत्तर कोरिया का मिसाइल प्रक्षेपण एक बर्बर कृत्य है, जो पूरे अंतरराष्ट्रीय समाज को उकसाने के लिए है।" उन्होंने कहा, कि "हम आज जापान-दक्षिण कोरिया शिखर सम्मेलन के दौरान उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणुकरण की दिशा में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ घनिष्ठ सहयोग की पुष्टि करेंगे।" वहीं, दक्षिण कोरिया ने अपने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक बुलाई है, और अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा पैदा करने वाले और उत्तर कोरिया के उकसाने वाले मिसाइल प्रक्षेपण की कड़ी निंदा की है। वहीं, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने अपने देश की सेना को योजना के मुताबिक ही अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास जारी रखने का आदेश दिया है और उन्होंने कहा, कि उत्तर कोरिया को अपने 'लापरवाह उकसावे' की कीमत चुकानी पड़ेगी।
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आपको बता दें, कि उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के कुछ घंटों बाद, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल गुरुवार को टोक्यो पहुंच गये हैं और 12 सालों के बाद दक्षिण कोरिया को कोई राष्ट्रपति जापान दौरे पर पहुंचा है। इस शिखर सम्मेलन के दौरान उत्तर कोरिया की आक्रामकता को लेकर बातचीत की जाएगी, जो लगातार कोरियाई प्रायद्वीप में मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है और आशंका है, कि उत्तर कोरिया निकट भविष्य में परमाणु बम का भी टेस्ट कर सकता है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति आज दोपहर जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात करेंगे, जब दोनों के कोरियाई प्रायद्वीप पर जापान के 1910-1945 के कब्जे से उत्पन्न दुश्मनी को पीछे छोड़ने के लिए एक संयुक्त मोर्चा पेश करने की उम्मीद है।












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