रूस के साथ खड़ा है उत्तर कोरिया... बोलकर किम जोंग उन ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल.. कांपा अमेरिका!
उत्तर कोरिया ने इस बार जो बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है, वो इस साल अपनी तरह का आठवां और 30 जनवरी के बाद पहला बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट था।
प्योंगयांग, फरवरी 27: यूक्रेन में रूसी हमले से दुनिया पहले ही परेशान है, लेकिन अब एक और सनकी तानाशाह ने विध्वंसक मिसाइल दागकर पूरी दुनिया को दहला दिया है। उत्तर कोरिया ने रविवार को समुद्र में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है और इस मिसाइल के निशाने पर सीधे तौर पर जापान है। उत्तर कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका पर भारी दबाव आ गया है। माना जा रहा है कि, इस वक्त जब अमेरिका का ध्यान यूक्रेन संकट में फंसा हुआ है, सनकी तानाशाह किम जोंग उन इसका जबरदस्त फायदा उठाना चाह रहा है।

उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण
उत्तर कोरिया ने इस बार जो बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है, वो इस साल अपनी तरह का आठवां और 30 जनवरी के बाद पहला बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट था। कुछ विशेषज्ञों ने कहा है कि, उत्तर कोरिया अपनी हथियार टेक्नोलॉजी को पूरा करने की कोशिश कर रहा है और उत्तर कोरिया अब इस प्लान में लगा हुआ है कि, वो संयुक्त राज्य अमेरिका पर अपने खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उत्तर कोरिया अब इस कोशिश में लगा हुआ है कि, वो अमेरिका के साथ हथियार निरस्त्रीकरण को लेकर मोल-भाव कर सके। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, यूक्रेन संकट की वजह से अमेरिका भारी दबाव में है और उत्तर कोरिया की कोशिश है कि, यूक्रेन संकट का फायदा वो अमेरिका पर और भी ज्यादा दबाव बनाने में इस्तेमाल करे, ताकि अमेरिका उसके साथ मोलभाव करने के लिए तैयार हो जाए।
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उत्तर कोरिया के निशाने पर जापान
उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण को लेकर जापानी रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने कहा है कि, उत्तर कोरिया के इस बैलिस्टिक मिसाइल ने 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर 300 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर, जो जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के ठीक बाहर स्थिति है, वहां पर गिरा है। हालांकि, जापान ने कहा है कि, उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण में उसके विमानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

उत्तर कोरिया ने किया अक्षम्य काम
जापानी रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने कहा है कि, ‘'जिस वक्त पूरी दुनिया यूक्रेन संकट में फंसी हुई है, उस वक्त अगर उत्तर कोरिया ने जानबूझकर मिसाइल प्रक्षेपण किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से विचलित है, ऐसे में उत्तर कोरिया का ये कृत्य बिल्कुल अक्षम्य है।" उन्होने कहा कि, "(उत्तर कोरिया का) उद्देश्य जो भी हो, लेकिन, उत्तर कोरिया के बार-बार मिसाइल प्रक्षेपण बिल्कुल अक्षम्य हैं और हम उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु प्रगति को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।" वहीं, दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने भी कहा है कि, उन्होंने उत्तर की राजधानी क्षेत्र से प्रक्षेपण का भी पता लगाया और इस पर "गहरी चिंता और गंभीर खेद" व्यक्त किया है।

दक्षिण कोरिया ने भी जताई गहरी चिंता
उत्तर कोरिया को बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया में एक आपातकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक की गई। जिसमें दक्षिण कोरिया के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि, लॉन्च का समय, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बीच "दुनिया में और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता के लिए बिल्कुल भी वांछनीय नहीं है''। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भवन राष्ट्रपति ब्लू हाउस ने कहा कि, ‘'अधिकारियों ने प्योंगयांग से सियोल और वाशिंगटन के बार-बार बातचीत के आह्वान को स्वीकार करने और कूटनीति के माध्यम से उत्तर कोरियाई परमाणु संकट को हल करने के प्रयासों को विफल करने वाले किसी भी कार्य को निलंबित करने का आग्रह किया है''।

उत्तर कोरिया ने किया रूस का समर्थन
उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध पर रूस का समर्थन करते हुए अमेरिका की जमकर आलोचना की है और उसके ठीक एक दिन के बाद बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया ने रूस को समर्थन देते हुए कहा कि, "यूक्रेन की घटना का मूल कारण संयुक्त राज्य अमेरिका की मनमानी है, जिसने सुरक्षा गारंटी के लिए रूस की वैध चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया है और केवल अपने प्रतिबंध अभियानों से चिपके रहते हुए वैश्विक आधिपत्य और सैन्य प्रभुत्व को बढ़ावा दिया है"। ये बयान उत्तर कोरिया के अंतर्राष्ट्रीय राजनीति पर उत्तर कोरिया सरकार द्वारा संचालित संस्थान के शोधकर्ता री जी सोंग ने दिया है और उनके बयान को उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट किया गया है। री जी सोंग ने वाशिंगटन पर "अहंकार" और "दोहरे मानदंड" अपनाने का आरोप लगाया है।












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