उत्तर कोरिया ने पनडुब्बी से क्रूज मिसाइलें दागकर मचाई सनसनी, US-दक्षिण कोरिया पर उतार रहा गुस्सा
उत्तर कोरिया ने पिछले साल भी रिकॉर्ड संख्या में मिसाइलों का प्रक्षेपण किया था और उसकी कोशिश, परमाणु संपन्न देशों की लिस्ट में शामिल होना है, ताकि दुनिया माने, कि उत्तर कोरिया के पास परमाणु बम हैं।

North Korea Misiile Test: अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले उत्तर कोरिया बुरी तरह से बौखला गया है और एक के बाद एक दो क्रूज मिसाइलों का प्रक्षेपण किया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक,उत्तर कोरिया ने संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले पांच सालों के सबसे बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू करने से कुछ ही घंटे पहले बल का प्रदर्शन किया है और एक पनडुब्बी से दो रणनीतिक क्रूज मिसाइलें दागी हैं।
उत्तर कोरिया ने दागी मिसाइलें
उत्तर कोरिया ने उस वक्त पनडुब्बी से क्रूज मिसाइलों का प्रक्षेपण किया है, जब पिछले हफ्ते ही किम जोंग उन ने देश के सैन्य अधिकारियों को हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा है, कि मिसाइल लॉन्च ने "अमेरिकी साम्राज्यवादियों और दक्षिण कोरियाई कठपुतली ताकतों" के बीच शुरू हुए तथाकथित सैन्य युद्धाभ्यासों के खिलाफ "जबरदस्त शक्तिशाली ताकतों" के साथ जवाब देने के प्योंगयोंग के संकल्प को दिखा रहा है। यानि, साफ है, कि किम जोंग उन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच शुरू हुए सैन्य अभ्यास से बौखला गये हैं और उनकी बौखलाहट का ही नतीजा क्रूज मिसाइलों का परीक्षण है। केसीएनए ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है, कि "उत्तर कोरिया का लक्ष्य अपने पनडुब्बियों में क्रूज परमाणु हथियारों को फिट करना है।"

कैसे है US-दक्षिण कोरिया का युद्धाभ्यास?
उत्तर कोरिया, हमेशा से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले सैन्य अभ्यास को अपने खिलाफ देखता है और तर्क देता है, कि उसके परमाणु हथियार और मिसाइल कार्यक्रम आत्मरक्षा के लिए आवश्यक हैं। जबकि, अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने सोमवार सुबह 'फ्रीडम शील्ड' नाम से सैन्य अभ्यास शुरू किया है और 2018 के बाद पहली बार इस तरह के बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास आयोजित किए गए हैं। लिहाजा कोरियाई प्रायद्वीप में काफी तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच शुरू हुए इस सैन्य अभ्यास में फ्रीडम शील्ड-23 नामक एक कंप्यूटर सिमुलेशन और कई संयुक्त क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास शामिल हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से वारियर शील्ड एफटीएक्स के रूप में जाना जाता है। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सशस्त्र बलों के मुताबिक, सैन्य अभ्यास कम से कम 10 दिनों तक जारी रहेगा और उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु खतरों के बीच "बदलते सुरक्षा वातावरण" पर ध्यान केंद्रित करेगा।
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परमाणु हथियार का भी करेगा परीक्षण?
उत्तर कोरिया ने 2022 में रिकॉर्ड संख्या में मिसाइल परीक्षण किए और तेजी से आक्रामक परमाणु सिद्धांत को अपनाया है, जिसको लेकर दुनियाभर के एक्सपर्ट्स चिंतित हैं। सियोल में इवा विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर लीफ-एरिक इस्ले ने अलजजीरा से बात करते हुए कहा, कि "पनडुब्बी से लॉन्च की गई उत्तर कोरियाई क्रूज मिसाइलों को, संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों को गंभीरता से लेनी चाहिए।" उन्होंने कहा, कि "लेकिन प्योंगयांग शायद अतिशयोक्ति कर रहा है, जब वह दावा करता रहा है, कि उसने पहले ही ऐसी मिसाइलों को परमाणु हथियार से लैस कर दिया है। किम शासन यह दिखाना चाहता है, कि उसके पास अमेरिका-दक्षिण कोरिया रक्षा अभ्यास से ज्यादा ताकत है और वो इन दोनों से आगे निकल सकता है। लेकिन, वास्तविकता यह है, कि उत्तर कोरियाई सैनिकों को खराब भोजन दिया जाता है और किसानों को देश की भोजन की कमी को दूर करने में मदद करने का आदेश दिया जा रहा है।
कितना खतरनाक है मिसाइलों का परीक्षण?
उत्तर कोरिया की राज्य समाचार एजेंसी ने बताया, कि नवीनतम परीक्षणों में, मिसाइलों ने दो घंटे से ज्यादा समय तक उड़ान भरी और देश के पूर्वी तट पर पानी के ऊपर, आठ के आकार का पैटर्न बनाया और 1,500 किमी (932 मील) दूर लक्ष्य को भेदा। मिसाइलों को 8.24 योंगंग से दागा गया था। इससे पहले, दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा था, कि उसने रविवार को सिनपो में उत्तर कोरिया के पूर्वी तट के पास पानी में एक पनडुब्बी से प्रक्षेपण का पता लगाया था। आपको बता दें, कि उत्तर कोरियाई बंदरगाह शहर योंगंग में एक प्रमुख पनडुब्बी-निर्माण शिपयार्ड है। विशेषज्ञों का कहना है, कि किम जोंग उन, उत्तर कोरिया को एक वैध परमाणु शक्ति के रूप में स्वीकार करने और उसकी अर्थव्यवस्था को पंगु बना रहे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील देने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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