अब और मिसाइल टेस्ट की ज़रूरत नहीं: उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि अब और परमाणु मिसाइलों का परीक्षण करने की ज़रूरत नहीं है.
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया से मिल रही ख़बरों में ऐसा दावा किया गया है.
दक्षिण कोरिया की न्यूज़ एजेंसी योन्हप के मुताबिक, "21 अप्रैल से उत्तर कोरिया परमाणु मिसाइलों और अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलों को परीक्षण रोक देगा."
ख़बरों के मुताबिक उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की बैठक के बाद ये फ़ैसला लिया गया.
https://twitter.com/realDonaldTrump/status/987463564305797126
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया है, "उत्तर कोरिया सभी परमाणु परीक्षणों और एक बड़ी टेस्ट साइट को बंद करने के लिए तैयार हो गया है. ये उत्तर कोरिया और दुनिया के लिए एक बहुत ही अच्छी ख़बर है. ये बड़ी सफलता है. हम आगामी मुलाकात को लेकर आशावान हैं."
परमाणु हथियार कार्यक्रम चलाने के कारण उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा रखे हैं.
पिछले साल नवंबर में उत्तर कोरिया ने अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण करने का दावा किया था और ये भी कहा था कि ये मिसाइल अमरीका तक मार करने में सक्षम है.
इस परीक्षण की संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कड़ी निंदा की थी और कहा था कि उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुट राय का अपमान किया है.
इससे पहले, अमरीकी मीडिया ने उच्चस्तरीय सरकारी सूत्रों के हवाले से ख़बर दी थी कि अमरीकी ख़ुफिया एजेंसी के निदेशक माइक पोम्पियो ईस्टर के मौके पर (31 मार्च और 1 अप्रैल) उत्तर कोरिया के गुप्त दौरे पर गए थे.
पोम्पियों के दौरे का मक़सद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच सीधी बातचीत का रास्ता साफ़ करना था.
इससे पहले ट्रंप ने खुद कोरिया के साथ वार्ता को उच्चस्तरीय बताते हुए कहा था कि किम के साथ आगामी बैठक के लिए पांच संभावित जगहों पर विचार किया जा रहा है.
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच पिछले कुछ दिनों में संबंधों में सुधार हुआ है.
किम जोंग और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन हॉटलाइन स्थापित की गई है और दोनों नेताओं का अगले हफ्ते मिलने का कार्यक्रम भी है. ये बैठक एक दशक में पहली बार होने जा रही अंतर कोरियाई सम्मेलन के सिलसिले में होगी.
इसके अलावा, किम की जून में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने का भी संभावना है. अगर ये मुलाक़ात होती है तो उत्तर कोरिया के किसी नेता की ये पदस्थ अमरीकी राष्ट्रपति के साथ पहली मुलाक़ात होगी.
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