यूक्रेन पर रूस के अटैक के बीच चीन ने भी की ताइवान में घुसपैठ, 9 फाइटर प्लेन उड़ते दिखे
नई दिल्ली, फरवरी 24। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद अब लगता है चीन भी ताइवान पर हमला करने की योजना बना रहा है। बुधवार को ताइवान के रक्षा मंत्रालय की ओर से ये जानकारी दी गई है कि चीन के करीब 9 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के एयर स्पेस में घुसपैठ की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, चीन के 8 जे-16 फाइटर प्लेन और एक वाई-8 फाइटर प्लेन को दक्षिणी चीन सागर के प्रतास आइलैंड के आसपास उड़ते हुए देखा गया है।

पिछले साल 27 फाइटर प्लेन ने की थी घुसपैठ
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की ओर से ऐसी हरकत कोई पहली बार नहीं हुई है, बल्कि पिछले 2 साल से चीन इसी तरह से कर रहा है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में चीन के 27 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी। बदले में ताइवान की सेना ने इन विमानों को खदेड़ दिया था। इस बार भी ताइवान ने चीन को चेतावनी जारी की है।
क्या है चीन और ताइवान का विवाद?
- आपको बता दें कि ताइवान को लेकर चीन की हमेशा ये मंशा रही है कि वो उस पर कब्जा कर ले। शीत युद्ध के शुरुआती चरण में अमेरिका और चीन के बीच दक्षिणी चीन सागर में स्थित दो द्वीपों क्यूमोय और मात्सु को लेकर विवाद हो गया था। 1955 और 1958 में इन दो द्वीपों को लेकर तनाव इतना बढ़ गया था कि अमेरिका और चीन युद्ध करने को तैयार थे।
- यह दोनों द्वीप चीन के काफी नजदीक हैं, लेकिन इन पर नियंत्रण ताइवान का है, इसीलिए ताइवान चीन पर कब्जा करने की कोशिश में रहता है। 1955 में तो चीन ने ताइवान नियंत्रित इन द्वीपों पर कब्जे को लेकर भारी बमबारी तक कर दी थी, लेकिन जवाब में अमेरिका ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे डाली, जिसके बाद चीन पीछे हटा था।












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