'लाल ग्रह' पर संभव होगा जीवन! रोवर को मिले 12 खास नमूनों से बढ़ी NASA की उम्मीदें
नई दिल्ली, 16 सितंबर। लंबे समय मे लाल ग्रह यानी मंगल पर जीवन की तलाश में स्पेस एजेंसियां जुटी हैं। नासा के मिशन रोवर ने इस दिशा में काफी प्रयास किए हैं। रोवर ने मंगल पर 12 खास नमूने एकत्र किए हैं, जिनसे अंतर्राष्ट्रीय स्पेस एजेंसी नासा की उम्मीदें का काफी बढ़ गई हैं। नासा के साइंटिस्ट्स इनको लेकर बड़ी उम्मीदें व्यक्त की हैं।

मंगल पर मिले ये खास नमूने
नासा ने 18 महीने पहले लाल ग्रह को लेकर मिशन की शुरूआत की थी। रोवर के मिशन में प्राचीन माइक्रोबियल जीवन के संकेत मिले हैं। रोवर लाल ग्रह पर रॉक के नमूने एकत्र कर रहा है । अभी तक रोवर ने 12 रॉक नमूने एकत्र कर चुका है। इसमें कॉर्बनिक फैक्टर मिले हैं। जिसे नासा के साइंटिस्ट्स बेहद खास मान रहे हैं।

नासा ने क्या कहा?
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का कहना है कि 'मार्स सैंपल रिटर्न' मंगल को लेकर चलाए जा रहे मिशन की श्रंखला है। इस दौरान रोवर द्वारा एकत्र किए गए नमूनों को 2030 के दशक में पृथ्वी पर लाया जाएगा। 15 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नासा के प्रमुख थॉमस जुर्बुचेन ने कहा, "इस अधिक तलछटी क्षेत्र में अब हम जो नमूने ले रहे हैं, उसके साथ हम जो करना चाहते हैं, उसके दिल में हम निश्चित रूप से सही हैं।"

साइंटिस्ट्स को बढ़ी उम्मीदें
रोवर ने मंगल ग्रह पर एक प्राचीन नदी डेल्टा की है। यहां के नमूनों से ये पता चला है कि इस क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में कार्बनिक पदार्थों की उपस्थिति है। रोवर ने नमूने एकत्र किए हैं और स्किनर रिज नामक क्षेत्र में माप लिया है। कहा जाता है कि यह क्षेत्र स्तरित तलछटी चट्टानों से बना है, जिनमें से कुछ में ऐसी सामग्री होती है जिसके बारे में अनुमान लगाया जाता है कि अरबों साल पहले बहते पानी से सैकड़ों किलोमीटर दूर ले जाया गया था।

मंगल जीवन का अनुमान
नासा का मिशन रोवर मंगल पर जीवन की तलाश के लिए चलाया जा रहा है। काफी बरीकी से लाल ग्रह का अध्ययन किया जा रहा है। नासा साइंटिस्ट्स के अनुसार रोवर को मिले अब तक के नमूने मिशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। रोवर मंगल पर कार्बनिक अणुओं की उच्चतम सांद्रता यानी सघनता का पता लगाया है। जिससे लाल ग्रह पर जीवन के संकेत मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।

चट्टानों के डेल्टा पर शोध
रोवर मिशन को बायोसिग्नेचर यानी जीवन के स्पष्ट संकेत मिलना अभी बाकी है। हालांकि ये कहा जा सकता है कि नासा का मिशन एक सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। पसादेना में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साइंटिस्ट केन फार्ले ने कहा "जिन चट्टानों की हम डेल्टा पर जांच कर रहे हैं, उनमें कार्बनिक पदार्थों की उच्चतम सांद्रता है।"












Click it and Unblock the Notifications