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Nepal Protest: क्या है 'हामी नेपाल' जिसने काठमांडू समेत कई शहरों में कराए हिंसक प्रदर्शन, सड़कों पर उतरी सेना

Nepal Protest: नेपाल में फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे 28 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनके एप पर बैन लगाया गया था। जिसके खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। राजधानी काठमांडू सहित कई शहरों में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिसके परिणामस्वरूप तोड़फोड़ और कई सरकार संपत्तियों में आग लगाने के मामले सामने आए।

हालात को काबू करने के लिए कर्फ्यू लगाया गया और सेना को तैनात करना पड़ा है।
आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से युवा कर रहे हैं, इसलिए इसे 'Gen Z' आंदोलन कहा जा रहा है। प्रदर्शनकारी सरकार से प्रतिबंध हटाने और सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी लाने की मांग कर रहे हैं।

Nepal Protest

18 की मौत, कई घायल

काठमांडू में प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया कि युवाओं ने देश के संसद भवन में घुसकर तोड़फोड़ की और वहां मौजूद सामान में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछारें, रबर बुलेट का इस्तेमाल किया, लेकिन बात नहीं बनी तो फायरिंग करना पड़ी। इस फायरिंग में अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है।

किन शहरों में आंदोलन का असर?

नेपाल सरकार ने काठमांडू, पोखरा, लुंबिनी, इटाहारी, जनकपुर, पाटन, भरतपुर, विराटनगर, धरान, भक्तपुर और बुटवल समेत कई दूसरे इलाके प्रभावित हैं। आंदोलन की ये आग हर घंटे बढ़ रही है। सोशल मीडिया प्रतिबंध, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है। Gen Z वर्ग के लोगों का कहना है कि सरकार ने इसलिए बैन किया सोशल मीडिया ताकि उनके भ्रष्टाचार सामने न आ सकें। पोखरा में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के आवास और कार्यालय में घुसने का प्रयास किया, जिससे सुरक्षाकर्मियों को कार्रवाई करनी पड़ी।

क्या है 'हामी नेपाल'?

युवाओं के इस आंदोलन में 'हामी नेपाल' नामक एनजीओ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस संगठन ने डिस्कॉर्ड चैनलों के माध्यम से ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि, 'हामी नेपाल' का पहले कभी राजनीतिक प्रदर्शन आयोजित करने का कोई इतिहास नहीं रहा है। 'हामी नेपाल' 2015 में असतित्व में आया था, जिसने भूकंप और बाढ़ में नेपाली लोगों के बीच खूब सुर्खियां बटोरी थीं। बता दें कि डिस्कॉर्ड ऐप नेपाल में प्रतिबंधित है।

आंदोलन में उतरे नेपाली कलाकार

नेपाल के युवाओं को अब कलाकारों का भी समर्थन मिल रहा है। अभिनेत्री केकी अधिकारी, वर्षा राउत, वर्षा शिवकोटी, अनमोल केसी, प्रदीप खड़का, भोलाराज सपकोटा, गायिका एलिना चौहान, रचना रिमल और समीक्षा अधिकारी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने एकजुटता व्यक्त की है।

सरकार ने आंदलोनकारियों पर लगाए आरोप

सरकार की ओर से सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरंग ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन में 'अराजक ताकतों' ने हिस्सा लिया है, जिनका उद्देश्य सत्ता पर कब्जा करना है। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया प्रतिबंध या भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हिंसा के लिए विरोधी सरकारी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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