Hormuz Controversy: क्या हॉर्मुज में फंसे जहाजों से हो रही है वसूली? वायरल दावों पर ईरानी दूतावास ने क्या कहा
Strait of Hormuz controversy: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से फैल रही है कि ईरान की सेना 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों से लाखों डॉलर की वसूली कर रही है। दावा किया गया कि हर जहाज से लगभग $2 मिलियन (करीब 16 करोड़ रुपये) लिए जा रहे हैं।
इन खबरों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में खलबली मचा दी थी। अब भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और सच्चाई सामने रखी है।

Iran ship recovery news: ईरानी दूतावास ने दावों को बताया फर्जी
भारत में ईरान के दूतावास ने ट्वीट कर साफ कर दिया है कि $2 मिलियन की वसूली की खबरें पूरी तरह निराधार और झूठी हैं। दूतावास का कहना है कि ईरान सरकार या उसकी सेना ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन करना उनकी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर चल रही ये खबरें केवल अफवाहें हैं जिनका मकसद ईरान की छवि को खराब करना है। दूतावास ने लोगों से ऐसी खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है।
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Iran military vessel fee: 'निजी बयान' पर बवाल और स्पष्टीकरण
ईरान ने एक बहुत जरूरी बात यह कही कि जो भी बयान इस वसूली के समर्थन में वायरल हो रहे हैं, वे कुछ व्यक्तियों की निजी राय हो सकते हैं। इसका ईरान की सरकार या आधिकारिक नीतियों से कोई लेना-देना नहीं है। अक्सर कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत सोच को सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं, जिसे लोग सरकार का आदेश मान लेते हैं। दूतावास ने साफ कर दिया कि जब तक कोई बात आधिकारिक चैनल से न आए, उसे ईरान का रुख न माना जाए।
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Fake news Iran vessels: हॉर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यहाँ किसी भी तरह की 'वसूली' या तनाव की खबर आती है, तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट पर पड़ता है। यही कारण है कि $2 मिलियन वाले इस दावे ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। ईरान जानता है कि इस रास्ते में कोई भी रुकावट या अवैध वसूली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े विवाद को जन्म दे सकती है।
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अफवाहों से बचने की सलाह
आजकल युद्ध और तनाव के माहौल में 'फेक न्यूज' बहुत जल्दी फैलती है। ईरानी दूतावास का यह स्पष्टीकरण भारतीय व्यापारियों और शिपिंग कंपनियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल दूतावास या सरकार द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह समुद्री व्यापार को सुगम बनाने के पक्ष में है और वसूली जैसी बातें केवल मनगढ़ंत कहानियां हैं जो सच्चाई से कोसों दूर हैं।












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