US-Iran War में फंसे Trump! “न जीत पा रहे, न छोड़ पा रहे जंग”, Ex CIA चीफ ने दिए अमेरिका की हार के बड़े संकेत!
US Iran War: अमेरिका के पूर्व रक्षा सचिव और Central Intelligence Agency (CIA) के पूर्व निदेशक Leon Panetta ने ईरान के साथ तीन हफ्तों की जंग का हिसाब-किताब करते हुए Donald Trump के सारे दावों की ऐसी-तैसी कर दी है। उन्होंने कहा कि "Donald Trump अधर में लटके हुए हैं और दुनिया को कमजोरी का संदेश दे रहे हैं।" उनके मुताबिक, यह जंग ट्रंप को बिना किसी साफ एग्जिट स्ट्रैटेजी के छोड़ चुका है। मतलब, न ट्रंप इस युद्ध को लड़ने के रहे और न छोड़ने के। जानते हैं कि आखिर किन वजहों से ट्रंप की फजीहत हो रही है।
लियोन पैनेटा और उनका एक्सपीरियंस
Leon Panetta, जिन्होंने Bill Clinton और Barack Obama के प्रशासन में काम किया है। कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मारने वाले ऑपरेशन की निगरानी का पूरा जिम्मा लियोन पैनेटा पर ही था। बकौल- अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हमेशा से जानती थीं कि Strait of Hormuz को ब्लॉक करना ईरान का बड़ा हथियार हो सकता है। अब वही हो रहा है, लेकिन ट्रंप के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है।

'ट्रंप की बच्चों जैसी सोच'
पैनेटा वही शख्स हैं जिन्होंने Osama bin Laden के खिलाफ ऑपरेशन की निगरानी की थी, ने ट्रंप को लेकर कहा कि वह हालात को लेकर भोले हैं। उन्होंने कहा, "अगर वह कुछ बार-बार कहते हैं, तो उन्हें लगता है कि वह सच हो जाएगा। लेकिन ऐसा बच्चे करते हैं, राष्ट्रपति नहीं।" यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब इजरायल के हमले में Ali Khamenei की मौत हो गई। अमेरिका और इजरायल ने जल्दी ही हवाई बढ़त हासिल कर ली, लेकिन जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचा, उनकी पकड़ कमजोर होती गई।
अमेरिका का भारी नुकसान
इस जंग में अब तक 13-14 अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि ईरान में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। खामेनेई की जगह उनके बेटे Mojtaba Khamenei ने ले ली। इस बीच ट्रंप को बढ़ती तेल कीमतों, गिरती लोकप्रियता और कमजोर होते राजनीतिक समर्थन का सामना करना पड़ रहा है। पैनेटा ने कहा कि अब ईरान में पहले से ज्यादा मजबूत और कट्टर शासन है। उनके मुताबिक, यह रणनीति उलटी पड़ गई और उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले।
जियोग्राफी हुई वेपनाइज
ईरान ने Strait of Hormuz को काफी हद तक बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गए हैं। दुनिया के करीब 20% तेल का व्यापार इसी रास्ते से होता है, इसलिए इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ईरान जियोग्राफी को वेपनाइज (हथियार बनाना) कर चुका है। पैनेटा के मुताबिक, यह पूरी स्थिति ट्रंप की नीतियों का ही नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं था कि ईरान के साथ युद्ध का सबसे बड़ा खतरा यही होगा- तेल सप्लाई पर असर।
"जीत की घोषणा भी नहीं कर सकते ट्रंप"
पैनेटा ने कहा कि अगर ट्रंप के पास कोई आसान रास्ता होता, तो वह अब तक जीत की घोषणा कर चुके होते। लेकिन बिना युद्धविराम के ऐसा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कंट्रोल में रखे हुए है, तब तक ट्रंप को कोई डील नहीं मिल सकती। ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान में जमीनी सैनिक नहीं भेजेंगे, लेकिन हजारों मरीन को मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है।
माफी मांगे डोनाल्ड ट्रंप
जंग के पहले दिन एक स्कूल पर मिसाइल हमले में 175 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। ट्रंप ने इसकी जिम्मेदारी ईरान पर डाल दी। पैनेटा ने कहा कि किसी भी अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐसी गलती पर माफी मांगी होती, लेकिन ट्रंप ने ऐसा नहीं किया।
ट्रंप के सामने मुश्किल फैसला
पैनेटा के मुताबिक, ट्रंप के पास दो ही रास्ते हैं- या तो युद्ध को बढ़ाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की कोशिश करें, या फिर पीछे हटकर जीत का दावा करें, जो असल में हार मानी जाएगी। साथ ही ट्रंप का NATO को कागज़ का शेर और उसके सदस्यों को कायर कहना भी उन्हें भारी पड़ गया। अब वे देश मदद ही नहीं कर रहे। सहयोगियों का साथ क्यों जरूरी होता है, ये हमन World War II से सीखा है। फिलहाल ट्रंप फंसे हैं, जहां से उनका जीतकर निकलना बेहद मुश्किल है।
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