नाटो ने यूक्रेन को ‘अकेला’ छोड़ा, कहा- शर्ते पूरी होने पर ही बनाएंगे मेंबर, भड़के जेलेंस्की ने कह दी ये बात
नाटो के 31 देशों वाले शिखर सम्मेलन का आयोजन लिथुआनिया की राजधानी विनियस में हो रहा है। नाटो सम्मेलन का आज दूसरा दिन है। इस सम्मेलन से पहले ऐसा माना जा रहा था कि पश्चिमी देश यूक्रेन को नाटो की सदस्या दिलाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।
हालांकि इस बार भी नाटो ने यूक्रेन को इस ताकतवर संगठन का हिस्सा बनाने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की इस बात से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं।

दरअसल नाटो का कहना है कि जब यूक्रेन पर जब सभी सहयोगी देश सहमत होंगे और शर्तें पूरी होंगी तो ही उसे गठबंधन में शामिल किया जाएगा। नाटो की इस बात पर बाइडेन भड़क गए और उन्होंने इसे बेतुका करार दिया है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने नाटो का मेंबर बनने के लिए हर कदम उठाए हैं, मगर नाटो अपना एक नियम को बदलने के लिए तैयार नहीं है।
जेलेंस्की ने कहा कि क्या यूक्रेन का नाटो में शामिल होना बहुत बड़ी इच्छा है?" नाटो यूक्रेन को सुरक्षित बनाएगा। अगर वह इसका सदस्य बना तो यूक्रेन नाटो को मजबूत बनाएगा।
अपने भाषण के दौरान, जेलेंस्की ने कहा कि किसी को भी कभी भी मास्को की ओर मुड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने यूक्रेनी सदस्यता के समर्थन में स्पष्ट, ईमानदार और साहसी रुख के लिए लिथुआनिया को धन्यवाद दिया।
वहीं, नाटो के अधिकतर सदस्यों का मानना है कि जब तक युद्ध समाप्त नहीं होता तब तक यूक्रेन को सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती है। नाटो देशों का मानना है कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता रूस को फिर से हमला करने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।
हालांकि पूर्वी यूरोप के नाटो सदस्यों का मानना है कि यूक्रेन को नाटो का मेंबर बन जाने के बाद यूक्रेन युद्ध समाप्त हो जाएगा। उनका मानना है कि रूस को यूक्रेन पर हमला करने से रोकने का यही सबसे अच्छा तरीका है।
वहीं, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों की राय इससे अलग है। वे इस मामले में अधिक सतर्क हैं। उन्हें डर है कि ऐसा करने पर नाटो और रूस के बीच सीधा संघर्ष शुरू हो सकता है।












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