भारत दौरे पर आ रहे हैं NASA चीफ, चंद्रयान-3 की सफलता के बाद NISAR मिशन को लेकर मिलेगी खुशखबरी?
NASA के प्रमुख यानी उसके एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन भारत दौरे पर आने वाले हैं। वह सोमवार को भारत और यूएई की यात्रा पर रवाना होंगे। इस बात की जानकारी खुद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने दी है।
NASA ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि नासा प्रशासक बिल नेल्सन दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग पर चर्चा करने के लिए 27 नवंबर को भारत का दौरा करेंगे।

यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेतृत्व में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी पर संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत की पहल का हिस्सा है। अपनी यात्रा के दौरान नेल्सन मानव अन्वेषण और पृथ्वी विज्ञान जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए प्रमुख सरकारी अधिकारियों और अंतरिक्ष अधिकारियों से मिलेंगे।
बिल नेल्सन बेंगलुरू स्थित निसार (NISAR) सैटेलाइट मिशन को भी वो देखेंगे। NASA नासा इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार का संक्षिप्त रूप है। ये NASA और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बीच यह एक संयुक्त मिशन है जो पृथ्वी पर नजर रखने के लिए लॉन्च किया जा रहा है।
निसार रडार मिशन क्लाइमेट चेंज के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। इससे जंगलों और वेटलैंड (नमी या दलदली इलाके) पर निगरानी की जा सकेगी। स्पेस एजेंसियां जानना चाहती हैं कि फारेस्ट और वेटलैंड में कार्बन सर्किल पर क्या असर हो रहा है और इससे क्लाइमेट चेंज कैसे हो रहा है।
निसार पर इसरो और नासा दोनों ही एजेंसियों की तरफ से काम लगभग पूरा हो चुका है। साल 2024 में निसार को लॉन्च किया जाना है। यह पृथ्वी की कक्षा में लॉन्च किया जाएगा, जो हर 12 दिन में पूरी धरती और ग्लेशियर का विश्लेषण करेगा।
इसमें इस समय लॉन्चिंग से पहले होने वाली टेस्टिंग और इंटिग्रेशन का काम हो रहा है। ऐसे में नेल्सन भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों से निसार मिशन से जुड़ी जानकारियां साझा करेंगे।
बिल नेल्सन भारत दौरे पर ISRO के मुख्यालय के अलावा अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई अन्य स्थानों का दौरा भी करेंगे। इस दौरान छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) पर चर्चा करने के लिए नेल्सन से मिलने का अवसर भी मिलेगा।
नेल्सन की भारत यात्रा अंतरिक्ष अन्वेषण में दोनों देशों के बीच मजबूत और बढ़ते संबंधों का संकेत है। भारत के पास अंतरिक्ष अन्वेषण का एक लंबा और सफल इतिहास है, और अब यह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नेल्सन की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम तेजी से बढ़ रहा है। देश आने वाले वर्षों में कई नए मिशन लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसमें 2030 तक चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन भी शामिल है।












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